लखनऊ: सर्वोदय साहित्य एवं दिव्यांश पब्लिकेशन द्वारा आयोजित गाँधी पुस्तक मेला में “गाँधी के सपनो का भारत” पर एक व्याख्यान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमे लगभग ७० प्रतिभागियों ने अपना नामांकन करवाया था जिसमे से अंतिम चक्र में चयनित ६ प्रतिभागियों ने मंच पर अपने विचार प्रस्तुत किये| जहाँ प्रथम पुरुस्कार आदया अग्रवाल को मिला वही द्वितीय पुरुस्कार अभिषेक शुक्ला ने प्राप्त किया| तृतीय पुरूस्कार ताविशी श्रीवास्तव को मिला| कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ७ वर्षीय सर्वज्ञा सिंह रही जिसने अपनी तुतलाती आवाज़ में पूर्ण विश्वास के साथ अपने विचार को…
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प्रतिष्ठा ने साहित्य की दुनिया में रचा इतिहास
लखनऊ। 04 अक्टूबर, 2018 को प्रतिष्ठा क्लब वेंचर्स LLP ने मीरीष फैशन हाउस की साझीदारी में साहित्य के क्षेत्र में 4 अक्टूबर, 2018 लखनऊ में एक नया इतिहास रचा जब इसने अपने 14 लेखकों की पुस्तकों का ‘रिलीज़/प्रमोशन’ बुक माडलिंग के रूप में किया। पुस्तकों की दुनिया में दो प्रयोग विश्व में पहली बार किये गये -(1) लेखक के साथ उसके परिवार को मंच प्रदान करना क्योंकि किसी भी रचनाकार द्वारा सृजन में उसके परिवार का भी किसी न किसी रूप में योगदान अवश्य होता है और प्रायः समाज उस…
Read Moreज़िन्दगी इम्तिहान बड़े लेती है
आलोक सिंह, एडिटर-ICN ज़िन्दगी इम्तिहान बड़े लेती है सवाल कुछ बड़े छोड़ती है बस कोशिशों की लड़ियाँ हैं उन्ही में सब जवाब ढूंढती है ख्वाहिशें उम्मीदें कहाँ छोड़ती है रातभर लम्हा लम्हा जोड़ती है उठकर सुबह इक लिबास बुनती है उस लिबास में फिर ज़िन्दगी बुनती है मायूसी भी अजीब सिलवटें छोड़ती है सिलवटों में करवटों का हिसाब ढूंढती है हिसाब में मुश्किलें बेहिसाब दिखती हैं फिर सिरा कोई ढूंढ़ के नया ख़्वाब देखती है ज़िन्दगी इम्तिहान बड़े लेती है सवाल कुछ बड़े छोड़ती है…
Read Moreनाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में हिन्दी-पखवाड़ा कार्यक्रम सम्पन्न
हिन्दी को विश्व की श्रेष्ठ भाषा में परिवर्तित करने में सभी अपना योगदान दें – संजीव सूद झाकड़ी: 28-9-2016 नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन में 14 से 28 सितम्बर, 2018 तक हिन्दी पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया । हिन्दी पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत कर्म0/अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं जैसे हिन्दी एवं सामान्य ज्ञान, आलेखन–टिप्पण, शुद्ध हिन्दी शब्द एवं सुलेख लेखन तथा शब्दार्थ ज्ञान का आयोजन करवाया गया । इन प्रतियोगिताओं में कुल 136 कर्म0/अधिकारियों ने भाग लिया । विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को समापन-समारोह के दौरान मुख्य-अतिथि…
Read Moreअधूरा अंत
सत्येन्द्र कुमार सिंह, लिटरेरी एडिटर-ICN छुपे जो राज़ मन में, उसे दिखाने की तरकीब ज़रा बताओ ना । जो हक समझता हूँ तुम पर, उसे जतलाने की तरकीब जरा बताओ ना । आत्मा तक महसूस करता मै तुम्हे और करीब लाने की तरकीब ज़रा बताओ न । अरमान दिल के दिल तक ना सिमट जाए, अधूरे अंत से बचने की तरकीब ज़रा बताओ ना ।
Read Moreभितरघात
सत्येन्द्र कुमार सिंह, लिटरेरी एडिटर-ICN दुआओं में शामिल खुशियों की सौगात । शायद फूलों की खुशबू जैसी मुस्कराहट चेहरे पर थी असर इन दुआओं का । अचानक ठोकरों के बीच बदलता रिश्तों का पैमाना । भूलने की फितरत, दर्शाती बूँदें अश्क़ की और स्थापित करती अरमानो का भितरघात ।
Read Moreनाथपा झाकड़ी पावर हाइड्रो पावर स्टेशन में 14 सितम्बर से शुरू होगा हिन्दी पखवाड़ा कार्यक्रम
झाकड़ी: 13 सितम्बर 2018 कार्यालयों में राजभाषा हिन्दी के प्रति सापेक्ष एवं स्वस्थ वातावरण निर्माण के लिए पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी स्टेशन में कार्यरत कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन 14 सितम्बर हिन्दी-दिवस के अवसर से प्रारम्भ किया जा रहा है। मुख्य महाप्रबन्धक संजीव सूद के कुशल व गतिशील मार्गदर्शन में 14 से 28 सितम्बर] 2018 तक मनाए जाने वाले इस हिन्दी-पखवाड़ा कार्यक्रम के दौरान हिन्दी एवं अहिन्दी भाषा-भाषी कर्मचारियों के लिए हिदी एवं सामान्य ज्ञान के अतिरिक्त आलेखन-टिप्पण] शुद्ध हिन्दी शब्द एवं सुलेख…
Read Moreबांध स्थल नाथपा में हिन्दी कार्यशाला का आयोजन
नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन झाकड़ी द्वारा बांध स्थल नाथपा में दिनांक 6 सितम्बर, 2018 को एक दिवसीय हिन्दी कार्यशाला का आयोजन किया गया। हिन्दी कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य-अतिथि नागराज, उप महाप्रबन्धक/प्रभारी महोदय द्वारा किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त/कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले अधि0/कर्मचारियों को उनके दैनिक कार्यालयी जीवन में आ रही कठिनाईयों से संबंधित विषयों को आदान-प्रदान करना एवं उनके ज्ञान को और अधिक अद्यतन करना भी है। प्रथम सत्र में चन्द्रकान्त पाराशर, अपर महाप्रबंधक;राजभाषा/प्रशिक्षणद्ध द्वारा राजभाषा नीति, नियम एवं अधिनियम, टिप्पण एवं…
Read Moreधूप की सीधी सड़क
सत्येन्द्र कुमार सिंह, लिटरेरी एडिटर-ICN चंदंन की डाली ओढ़ती चादर चांदनी की, गुजरती रात में उपजता सपना, नि:शब्द मुस्कराहट मोतियों सी, ख़्वाहिशों के बिस्तर पर पल्लवित होती प्रेरणा देती सुरीली आहट कि रात ढल रही है विरह की तरह और बनती दिख रही है धूप की सीधी सड़क । कविता संग्रह नमक घावानुसार….
Read Moreचाँद अब भी वहीं खड़ा है
आलोक सिंह, एडिटर-ICN तुम चली आना उसी गली में जहाँ छोड़ा था तेरे इंतेज़ार में वो चाँद अब भी वहीं खड़ा है रोज़ थोड़ा थोड़ा वो कम होता जाता है देखो, बेशर्म सा वो चाँद अब भी वहीं खड़ा है तुम चली… मद्धम रोशनी में पूनम से अमावस हो जाता है सियाह रात से लड़कर चाँद अब भी वहीं खड़ा है तुम चली… छत पर पड़ी ख़ामोश दरी को ताकता रहता है किसी रोज़ लौटोगे छत पर,चाँद अब भी वहीं खड़ा है तुम चली… काले घने…
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