चुनाव आने ही वाले हैं

By : श्रेय शेखर छपरा : चुनाव आने ही वाले हैं और चुनावी मेंढक अपने वक़्त पर बाहर आ चुके हैं। जनता फिर से सवाल और उम्मीद की गठरी को लेकर अपनी बात रखना चाहती है पर नतीजा हमें पता है। इस सरगर्मी को सबसे नजदीक से बिहार के लोग महसूस कर रहे हैंए वो इसलिए क्यूंकि यहाँ नेता के साथ काफी आपसी सहमति रहती है। वह अपने आस पास रहने वालों का ध्यान बस अभी ही दे पाते हैं। चुनाव की गरिमा का पूरा मज़ाक बना कर अपने देश…

Read More

हिंदी विश्‍वविद्यालय की बोधिसत्त्व बाबा साहेब ई-ज्ञान श्रृंखला में डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री जी का उद्बोधन

डॉ. रिन्जु राय, एसोसिएट एडिटर-ICN भारतीय सांस्‍कृतिक चेतना में कश्‍मीर’ विषय पर दिया व्याख्यान , @vcomgahv के माध्‍यम से फेसबुक लाइव स्‍ट्रीमिंग व यूट्यूब पर हुआ प्रसारण. जम्‍मू-कश्मीर सांस्‍कृतिक चेतना का गर्भगृह है – डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री वर्धा, 25 जुलाई 2020: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय वर्धा में बोधिसत्त्व बाबा साहेब ई-ज्ञान श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान श्रृंखला के सातवें व्याख्यान में गुरुवार, 23 जुलाई को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री जी ने ‘भारतीय सांस्‍कृतिक चेतना में कश्‍मीर’ विषय पर दिए व्याख्यान में कहा…

Read More

हिंदी विश्‍वविद्यालय की बोधिसत्त्व बाबा साहेब ई-ज्ञान श्रृंखला में आचार्य गिरीश चंद्र त्रिपाठी जी का उद्बोधन

डॉ. रिन्जु राय, एसोसिएट एडिटर-ICN डायस्पोरा ‘सतत विकास का भारतीय प्रारूप और स्‍वावलंबन की अवधारणा’ विषय पर दिया व्याख्यान  @vcomgahv के माध्‍यम से फेसबुक लाइव स्‍ट्रीमिंग व यूट्यूब पर हुआ प्रसारण. विकास का प्रारूप प्रकृति के नियम के अनुरूप हों – आचार्य गिरीश चंद्र त्रिपाठी वर्धा, 17 जुलाई 2020: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय वर्धा में बोधिसत्त्व बाबा साहेब ई-ज्ञान श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान श्रृंखला में गुरुवार, 16 जुलाई को उत्‍तर प्रदेश राज्‍य उच्‍च शिक्षा परिषद के अध्‍यक्ष तथा काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय के भूतपूर्व कुलपति आचार्य गिरीश चंद्र त्रिपाठी…

Read More

प्रिय दादी !

आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P.  प्रिय दादी ! आपको पता है कि मैं अब लगभग रोज नहाती हूं, भले कोई मेरे पीछे साबुन और तौलिया लेकर न दौड़ता हो। कभी-कभी बिना खाये भी सो जाती हूं और बड़े आराम से झूठ बोल लेती हूं कि अभी तो तीन रोटियां खाई थी ! बहुत बार महसूस करती हूं कि वक्त भी कुछ बातों को अपनी पहलू में छुपाये रहा और नियति भी न चाहते हुए सहर्ष साथ दे रही थी। तब मन व्याकुल हो जाता था , जब से…

Read More

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रशांत फाउंडेशन ट्रस्ट ने 2000 पौधे लगवाये।

इटावा: प्रशांत फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक डॉ रिपुदमन सिंह का कहना है मनुष्य का सम्पूर्ण जीवन प्रकृति और पर्यावरण पर निर्भर है। पर्यावरण के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए संकल्पित हो, कोई आवश्यक नहीं कि आप आज ही सब कुछ करे, लेकिन पर्यावरण संरक्षण को अपनी प्राथमिकता और कर्तव्यनिष्ठा से छोटे छोटे प्रयासों से हम सब अपना योगदान देने के लिए संकल्पित और प्रयासरत रहें! आइए  विश्व पर्यावरण दिवस मनाएं।आज विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रशांत फाउंडेशन ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ हेमन्त कुमार ने पौधे लगाकर जनमानस से अपील की…

Read More

कोरोना संकटकाल में प्रवासी मजदूरों की हालत हुई बद से बदतर

राणा अवधूत कुमार, ब्यूरो चीफ-ICN बिहार  पटना: कोरोना संकटकाल ने प्रवासी मजदूरों के सामने विकट स्थिति ला दी है। घर-बार छोड़ दो पैसे कमाने के लिए गए मजदूरों पर जब आफत आई तो न कंपनी-फैक्ट्री के मालिक सहारा, बने ना वहां कोई सरकारी व्यवस्था मिली। नतीजा रहा कि मजदूर दिल्ली, सूरत, बंग्लौर, चंडीगढ़, बड़ौदा अहमदाबाद, मुंबई, चेन्नई जैसे स्थानों से पैदल हजारों किलोमीटर दूरी तय करने का मन बना लिए। मजदूरों की मनोदशा को समझने वाला कोई नहीं। एक तो उनके पास पैसे के नाम पर कुछ नहीं, दूसरी ओर…

Read More

कोरोना एवम् सियासत: राजस्थान का राजनीतिक परिद्र॒श्य

डॉ. करन पलसानियाँ  पुरे विश्वभर में आज कोरोना महामारी का प्रकोप फ़ैला हुआ है और विश्व के 215 देश व 50 लाख लोग इसकी चपेट में आ चुके है| भारत के शीर्ष नेतृत्व ने, समय रहते हुये कोरोना के संकट को विकट होने से बचाने के लिये कठिन प्रयास किये है| वही दूसरी तरफ राजस्थान की कांग्रेस सरकार इस मामले में विफ़ल होती नज़र आ रही है| राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्ववाली कांग्रेस की सरकार ने प्रियंका गाँधी के आदेश पर अमानवीयता का परिचय देते हुये सेकड़ो बसों को…

Read More

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर 2000 से अधिक प्रवासी गरीब मजदूरों का सहारा बना प्रशान्त फाउंडेशन ट्रस्ट

देश मे कोरोना नॉवेल वायरस कोविड-19 के कारण पूरे देश मे लॉक डाउन हो जाने के वजह से लाखों परिवार सड़क पर आ गए हैं काम न मिलने की वजह से रोज कमाने-खाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के परिवार भुखमरी के शिकार हैं ऐसी परिस्थितियों में देश प्रदेश के साथ साथ जनपद में भी ऐसे ही गरीब परिवारों की मदद करने के लिए प्रशान्त फाउंडेशन ट्रस्ट इटावा आगे आया है ट्रस्ट ने लोगो को बुनियादी जरूरत के सामानों और खाद्य सामग्री के पैकेट और दवाई , मास्क , सेनिटाइजर, साबुन इत्यादि…

Read More

पुलिस और जनता

मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप साठ के दशक में  हिंदी सिनेमा  की सबसे कामयाब फिल्म मुग़ले आजम बनी थी। फिल्म में मुख्य भूमिका अकबर ए आजम, शहजादा सलीम, व अनारकली की थी। फिल्म के अंत में मुगल शहंशाह अकबर अनारकली से मुखातिब होकर कहते हैं  “अनारकली  बखुदा हम मोहब्बत के दुश्मन नहीं लेकिन अपने उसूलों के गुलाम हैं। एक गुलाम की बेबसी पर  गौर करोगी तो शायद तुम हमें माफ कर सको।” सहसवान/बदायूं: फिल्म की बेशुमार कामयाबी की गंभीर, सख्त, तेज तर्रार व तमाम जमाने की बुराई  अपने…

Read More

बार-बार उठने वाले इन दर्द को पहचाने

डॉ .नौशीन अली, ब्यूरो चीफ–आई सी एन मध्य प्रदेश भोपाल: आज कल इंसान की व्यस्तता और तनाव के कारण हर एक किसी न किसी प्रकार का  दर्द होता है, कही सिर, कही कमर, या कही और दर्द होना एक अच्छी बात है, अगर आपको दर्द नहीं होगा, तो आपको बीमारी के बारे में पता नहीं चलेगा, सिर दर्द होना आज कल आम बात है, शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने कभी सिर दर्द का अनुभव न किया हो, सिर दर्द सिर दर्द होना एक आम बात हो गयी है, और ज़्यादातर…

Read More