आलोक सिंह, एडिटर-आई.सी.एन.
जहाँ मेरे सपने जवान हैं
और ख्वाहिशें परवान हैं
वो मेरा हिन्दुस्तान है
जहाँ उम्मीदों का खुला आसमान है
और आसमान में दौड़ते अरमान है
वो मेरा हिन्दुस्तान है…
जहाँ सीमा पर निडर खड़ा जवान है
और खुशहाली के बीज बोता किसान है
वो मेरा हिन्दुस्तान है…
जहाँ सभ्यता, संस्कृति विश्व पहचान है
और भविष्य का चराग़ हर नौजवान है
वो मेरा हिन्दुस्तान है…
जहाँ सरपरस्ती देता अटल हिमालय है
और माँ भारती को तरता गंगा जल है
वो मेरा हिंदुस्तान है…
जहाँ केसरिया संग हरा सफेद राष्ट्र पताका है
और बड़े मंगल, सेवइयों में स्वाद मोहब्बत का है
वो मेरा हिन्दुस्तान है…
