एक और सितारे का अवसान : ऋषि कपूर

सुरेश ठाकुर क्यों जनाब !, पता नहीं आपको कि पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है | घर की चौखट से बाहर कदम रखने की इजाज़त नहीं है जनाब, और आप हैं कि बिना किसी ‘अधिकृत पास’ के परलोक की यात्रा पर निकल गए | एक कभी न खत्म होने वाली यात्रा पर | लेकिन ‘फिज़िकल डिस्टेंसिंग’ का ज़रूर पालन किया है आपने | मगर….मगर कोई इतना ‘फिज़िकल डिस्टेंन्स’ भी मेन्टेन नहीं कर लेता है भाई, कि फिर चाहकर भी कभी एक दूसरे से न मिल सके | अभी इरफान…

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“जिसका डर था बेदर्दी वो ही बात हो गई” अभिनेता इरफान खान का 54 वर्ष की अवस्था में निधन

सुरेश ठाकुर “हमने आत्मसमर्पण कर दिया है |” अधिकारिक प्रवक्ता की ओर से इन शब्दों के साथ वुधवार (आज) सुबह मुम्बई के “कोकिलाबेन धीरूभाई अस्पताल” से अभिनेता इरफान ख़ान के हवाले से आई मनहूस ख़बर लोगों की दुआओं को इस तरह मायूस कर जायेगी, उम्मीद न थी | कल शाम जब उनके अस्पताल में भर्ती होने की ख़बर आई थी तो उनके चाहने वालों का दिल एक बार फिर किसी अनहोनी के अंदेशा से बेसाख़्ता धड़कने लगा था और और हाथ दफ़्अतन दुआओं के लिए उठ गए थे | लेकिन…

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ब्लैकबेरी के फायदे और नुकसान

By: Dr. Hemant Kumar, Asstt. Editor-ICN  ब्लैकबेरी के फायदे और नुकसान – ब्लैकबेरी स्वादिष्ट फल है। यह रोजेशिया प्रजाति का पौधा है। रास्पबेरी और ड्यूबेरी भी इसी प्रजाति के पौधे हैं। यह मूल रूप से उत्तरी समशीतोष्ण इलाके का पौधा है। ब्लैकबेरी अलबामा का आधिकारिक फल है और यह उत्तरी अमेरिका और प्रशांत महासागर के तटीय इलाकों बहुतायत में पाया जाता है।ब्लैकबेरी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्व से भरपूर फल है। इसमें पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।इसमें विटामिन ए, विटामिन बी 1 (थायमिन), विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन), विटामिन बी 3 (नियासिन), विटामिन बी 6, फोलेट, विटामिन सी…

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रमज़ान में रखें खान-पान एवम सेहत का ध्यान

डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप माहे रमज़ान की शुरुवात इस बार ऐसे समय पर हो रही है जब कोविड 19 महामारी के चलते पूरे देश में  लगभग एक माह से लॉकडाउन लागू है। भीषण गर्मी एवं धूप  के इस मौसम में रोज़ेदारों को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है। यह बात वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के सदस्य डॉ अनुरूद्ध वर्मा ने कही है। डॉ वर्मा ने बताया कि रोज़ेदारों को अपने खान-पान,आहार-विहार एवम स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा …

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कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में जरूरी है होम्योपैथी का साथ।

डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप  कोविड 19 जिसे सामान्य भाषा में कोरोना वायरस कहा जाता है जिसने दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।चिकित्सा विज्ञान अभी तक इसके बचाव का कोई टीका नहीं खोज पाया है इसलिए  सभी देश इससे घबराए हुए हैं।चीन के वुहान शहर से चला यह कोरोना वायरस  दुनिया के 200 से ज्यादा में पहुंच गया है और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है  इसने किसी को नहीं छोड़ा है चाहे वह अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस,…

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कोरोना के बाद भारत की संभावनाएं : 2

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप समय ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन ऐसा भी आयेगा जब अचानक ही उसकी रफ़्तार थम जायेगी और एक-दूसरे से आगे निकलने की अंधाधुंध होड़ में लिप्त यह सारा विश्व ठीक उसी तरह फ्रीज हो जायेगा जैसे बार्बी की कहानियों में दुष्ट जादूगर पूरे राज्य को फ्रीज कर दिया करता था।  सुनीता श्रीवास्तव उर्फ़ अनुपम हमारे लीगल प्रिपरेशन विभाग  की सदस्या हैं और ईश्वर ने इन्हें अनेक प्रतिभायें उपहार स्वरूप दी हैं। वे एक श्रेष्ठ विचारक व लेखिका भी हैं। उन्होंने पर्यावरण…

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म्यूजियम में चाँद

अमिताभ दीक्षित,एडिटर-ICN उत्तर प्रदेश  “कहते हैं पिछली सदी का चांद  इस सदी जैसा नहीं था” एक बोला “नहीं बिल्कुल ऐसा ही था”  दूसरे ने पहले की बात काटी “तुम्हें कैसे मालूम है”  पहले ने पूछा “मैंने म्यूजियम में देखा था”  दूसरे ने बताया “वहां चांद कहां से आया”  पहले ने पूछा “यह मुझे क्या पता”  दूसरा बोला “तुमने किस म्यूजियम में देखा था”  पहले ने फिर सवाल किया “सरकारी म्यूजियम में” दूसरे ने अपनी जानकारी  जाहिर की “चलो वही चलते हैं चलोगे “ पहले ने चलने की तैयारी करते हुए कहा दोनों चल दिए म्यूजियम पहुंचने पर पता चला कि वह चांद…

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भारतीय लोकतंत्र एवं जिम्मेदार पत्रकारिता

मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप सहसवान/बदायूं: भारतीय गणतंत्र के चार स्तंभ है व्यवस्थापिका कार्यपालिका न्यायपालिका और चौथा स्तंभ पत्रकारिता (जर्नलिज्म) जिसको हम मीडिया के नाम से जानते हैं। आज मैं अपने इस लेख में पत्रकारिता के विषय में अपने सम्मानित पाठकों से कुछ बातें  साझा करना चाहूंगा। बदलते हुए माहौल और भागदौड़ की जिंदगी में पत्रकारिता बहुत ही जिम्मेदारी व जोखिम भरा कार्य है। इस समय देश कोरोना जैसी भयानक बीमारी का मुकाबला बड़ी वीरता से कर रहा है एक और जहां  हमारे अजीम मुल्क हिंदुस्तान के नागरिक अपने…

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*कोरोना वायरस के दौर मे पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब (ﷺ) द्वारा दी गई शिक्षाओ की व्यवहारिकता और उपयोगिता से लाभान्वित होती मानवता*

एजाज़ क़मर आज हम 21 वीं शताब्दी मे “कोरोना महामारी” से बचाव के लिये ‘सोशल डिस्टेंसिंग” (Social Distancing), “मरीज़ो के लिये अलग स्थान” (Quarantine), नक़ाब (Mask) और स्वच्छता (Sanitation) की शिक्षा का सुबह-शाम प्रचार कर रहे है,जबकि इस्लाम ने 7 वीं शताब्दी मे ही इसकी शिक्षा दे दी थी। इस्लाम को मुसलमानो के दो तबको (वर्गो) ने बहुत ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है, जितना नुकसान इस्लाम के दुश्मनो ने (खास करके यहूदियो ने) भी नही पहुंचाया है, पहला वर्ग लिबरल का है जो हमेशा मौका तलाशते रहते है, कि कब इस्लाम को…

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समय भाषाओं की मरम्मत का : 2

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हमें एक दूसरे से जोड़ने का जो सबसे प्रभावशाली माध्यम है, वह संवाद के रूप में हमारी भाषा ही है। तनिक सोचिये तो, यदि दुनिया में कोई भी भाषा न होती तो क्या होता? अब हम यदि उर्दू भाषा की बात करें तो यह सही है कि उर्दू में अरबी, फ़ारसी व हिंदी भाषा के अनेक मौलिक शब्द इस भाषा के शब्दकोष में उपस्थित हैं किंतु अलग-अलग भाषाओं के उन शब्दों को लिखने के लिये उन्हीं भाषा के विशिष्ट वर्ण अर्थात अक्षर का प्रयोग…

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