तरुण प्रकाश, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप प्रार्थना शब्द के साथ जो मानसिक चित्र उभरता है, वह बड़ा ही पवित्र, निश्छल व शांत है- कहीं दूर वादियों में चाँदी की घंटियों की जल तरंग- पहाड़ों की चोटियों पर तैरता सुवासित धूम्र और प्रकृति की अधमुँदी आँखों में तैरता संतोष की पराकाष्ठा तक पहुँचा एक जादू । कितना पवित्र – कितना अलौकिक – कितना दिव्य । प्रार्थना व्यक्ति और परमात्मा के बीच संपर्क सेतु है। शायद इसी विचार स्तर पर मुझसे यह शे’र जन्मा है “जिस्म मेरा सफर पे है बाहर, मेरे अंदर…
Read MoreYear: 2020
कोरोना त्रासदी में घर वापसी
सत्येन्द्र कुमार सिंह, संपादक-ICN U.P. यूँ तो पूरा विश्व इस वक्त कोरोनो महामारी से ग्रस्त है और लगभग हर जगह त्राहिमाम वाली स्थिति है किन्तु इन सब के बीच में घर वापसी का एक नया दौर और नई परिभाषा भी सामने आई है.देश भर से पलायन किये हुए मज़दूर बन्धु इस वक्त येन केन प्रकारेन अपने गृह प्रदेश व जिले में वापस जा रहे हैं. इसका वृहद् असर तो कोरोना की समाप्ति के बाद ही मिलेगा किन्तु इसका असर भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ना अवश्यंभावी है.जहाँ भी सम्भव हुआ…
Read Moreप्रशांत फाउंडेशन द्वारा अन्तरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर श्रमिकों को फल, सब्जियां, लंच पैकेट और राशन सामग्री वितरित की गई।
देश में कोरोना वायरस कोविड-19 के कारण जब से सम्पूर्ण लाॅक डाउन घोषित किया गया है। तब से रोज कमाने खाने मजदूरों, गरीबों के सामने अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। दो वक्त की रोटी के लिए तरस रहे हैं। हमेशा हर परिस्थिति में गरीब मजदूर ही पिस्ते हैं। प्रशांत फाउंडेशन ट्रस्ट लगातार अपने स्तर से मदद एवं सहयोग करने में लगा हुआ है। और आगे भी हमेशा सदैव तत्पर रहेगा। आज अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर प्रशांत फाउंडेशन ट्रस्ट इटावा द्वारा गरीब मजदूरों को…
Read Moreप्रार्थना -1
तरुण प्रकाश, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप प्रार्थना शब्द के साथ जो मानसिक चित्र उभरता है, वह बड़ा ही पवित्र, निश्छल व शांत है- कहीं दूर वादियों में चाँदी की घंटियों की जल तरंग- पहाड़ों की चोटियों पर तैरता सुवासित धूम्र और प्रकृति की अधमुँदी आँखों में तैरता संतोष की पराकाष्ठा तक पहुँचा एक जादू । कितना पवित्र – कितना अलौकिक – कितना दिव्य । प्रार्थना व्यक्ति और परमात्मा के बीच संपर्क सेतु है। इस सेतु का प्रयोग कर अपने नश्वर शरीर व स्थूल काया के साथ ही परम सत्ता की ऊर्जा…
Read Moreक्योंकि उनका फोन नंबर मेरे पास नहीं है।
आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P. गोरखपुर। मेरी वह नायिका जो रायगंज की सड़को के किनारों ,डीह पर और गांव के दखिन गोबर पाथ रही होगी ।चूल्हा चौकटा निबटा के अधिया खेत में बोया बर्सिन काट रही होगी।गेहूं की फसल काटने के उत्सव से पहले अगली फसल की प्लानिंग ने दोपहर की नींद से समझौता करने पर विवश कर दिया होगा ,उस प्यारी नायिका तक मेरा सलाम पहुंचे। मेरा सलाम पहुंचे दुरमूस ठीक कर रहे मेरे उन हीरोज तक जिनके बदौलत घर को मनपसंद शक्ल देने का सपने को…
Read Moreकुछ पाया भी क़ुछ खोया भी
डॉ अमेय त्रिपाठी, एसोसिएट एडिटर-ICN कुछ पाया भी क़ुछ खोया भी कुछ भाग्य जगा कुछ सोया भी, क़ुछ स्वप्न जगे क़ुछ टूटे भी, क़ुछ भरम बने क़ुछ छूटे भी . क़ुछ कलित कामनाएं भी रिक्त हुयी क़ुछ चरित विधाएँ भी सिद्ध हुईं दो चार कदम सब और चले दो चार हाँथ फिर और बढे. क़ुछ संभल जड़ से टूट गए क़ुछ लोग स्वार्थवश छूट गए क़ुछ और बढे प्रकृति की ओर सतर्क हो थामा जीवन की डोर क़ुछ मार्ग पुराने अवरुद्ध हुए क़ुछ लोग बेवजह क्रुद्ध हुए क़ुछ गडित हमारी…
Read Moreज़िन्दगी फुटपाथ पर
अमिताभ दीक्षित , एडिटर-ICN U.P. मेरे छू देने से जो सरासरा सी उठती है तमन्ना है कि उसके जानिब कोई अफसाना कहूं कुछ ऐसी बात बहुत नजदीक से छू ले उसे कुछ ऐसे लफ्ज़ जो जा बैठे हैं उसकी पलकों पर पंछियों के शोर से सुबह की सुगबुगाहट आए नींद अभी बाकी हो लैंप पोस्ट बुझ जाए और जिंदगी उनींदी सी करवट बदल के सो जाए……….थोड़ी देर और……….. थोड़ी देर बाद फिर ताके यूं टुकुर टुकुर डूबते तारों की चमक आंखें मिचियाए बुरा सा मुंह बना के उठ बैठे फेंक के चादर कूद चारपाई से तेज कदमों…
Read Moreचिरायता के फायदे और नुकसान
By: Dr. Ripudaman Singh, Associate Editor-ICN & Hemant Kumar, Asstt. Editor-ICN स्विर्टिया चिरेटा (Swertia Chirata) को भारत में चिरायता के रूप में जाना जाता है। स्विर्टिया चिरेटा इसका वैज्ञानिक नाम है। यह एक वार्षिक जड़ी बूटी है जो भारत भर में मिलती है और इसकी ऊंचाई 1.5 मीटर तक होती है। संस्कृत में इस जड़ी-बूटी को भूनिम्ब या किराततिक्त कहा जाता है। इस प्राचीन जड़ी बूटी को नेपाली नीम के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह नेपाल के जंगलों में एक आम पेड़ है। इस पौधे के बारे में सबसे पहले 1839 में यूरोप में पता चला था।…
Read Moreसमाचारपत्र से प्रेमपत्र तक
तरुण प्रकाश, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हर सवेरे आ जाते हैं समाचारपत्र , खिड़की के रास्ते उछल कर प्रवेश करते हैं ड्राइंगरूम में हत्या , लूट, आगजनी और बलात्कार । कवि कविता रच रहा है लेखक लिख रहा है सत्य और विश्वास की कहानी संगीतकार बरसाता है अक्षत निर्झर और चित्रकार रचता है, इस लिज़लिज़ी ज़मीन पर दमदमाता अंबर लेकिन – यह सब समय के साँचे पर कस नहीं पाता पता नहीं – यह समय गलत है या ये लोग। सोचता हूँ , अभी नहीं आया था मेरे जन्म लेने का…
Read Moreकोरोना के बाद भारत की संभावनाएं : 3
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप देश में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है कोरोना महामारी के खत्म होने के बाद की जिंदगी बहुत अलग होगी ।फिर चाहे वह सामाजिक और आर्थिक जीवन हो या राजनीतिक। कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा। सरकार और कंपनियों की नीति में बदलाव होगा, घरों के खर्चो के नियम भी बदलेंगे।दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर कोरोना वायरस का असर पड़ा है, इसने अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब कर दी है। आनंद राय जी हमारे लिटिगेशन विभाग के सदस्य हैं और अत्यंत उत्साही…
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