नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मणिपुर के कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पीठ में शामिल न्यायाधीशों से मणिपुर फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई से अलग हो जाने का अनुरोध किया गया था। इन फर्जी मुठभेड़ मामलों की जांच सीबीआई का विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कहा कि एसआईटी और इन मामलों में उसके द्वारा की जा रही जांच पर इन पुलिसकर्मियों के संदेह करने का कोई कारण नहीं है। पीठ ने यह भी कहा कि न्यायपालिका और सीबीआई की सांस्थानिक पवित्रता को अवश्य कायम रखा जाना चाहिये। शीर्ष अदालत का आदेश मणिपुर के कुछ पुलिसकर्मियों की याचिका पर आया है, जिन्होंने मांग की थी कि पीठ में शामिल न्यायाधीश मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि पीठ ने कुछ आरोपियों को पहले अपनी टिप्पणी में ‘हत्यारा’ बताया था। इन आरोपियों के खिलाफ मुठभेड़ मामलों में एसआईटी ने आरोप पत्र दायर किया था।
मणिपुर फर्जी मुठभेड़ मामला: पीठ से न्यायाधीशों के अलग होने की मांग करने वाली याचिका खारिज

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