तिरुवनंतपुरम। केरल में बाढ़ की वजह से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के कारण हुई तबाही के चलते फसल और संपत्तियों समेत कुल 8 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। यही नहीं, मौसम विभाग के द्वारा राज्य के 14 में से 13 जिलों में फिर से रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा सेंट्रल वॉटर कमिशन के सभी नौ फ्लड मॉनिटरिंग स्टेशनों से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। बता दें कि केरल में अब तक 167 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बात की आधिकारिक जानकारी सीएम पी. विजयन ने दी।इन सबके इतर एनजीओ भी बाढ़ से प्रभावित केरल में राहत और बचाव अभियान में सेना, वायुसेना, नौसेना, तटरक्षक और एनडीआरएफ की 52 टीमों के साथ शामिल हो गए हैं। हालांकि, गुरुवार को ऐसा देखने को मिला कि आपदा का स्तर इससे निपटने के प्रयासों से बहुत अधिक है।केरल में बाढ़ के हालात को देखते हुए एनडीआरएफ की पांच टीमें शुक्रवार सुबह तिरुवनंतपुरम पहुंच गईं और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई हैं। राहत कार्य में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को एनडीआरएफ की 35 और टीमें यहां पहुंच रही हैं।सीएम ने की मदद की अपील केरल के पथनमतित्ता जिले में स्थित रन्नी, अरनमुला, कोझेनचेरी गांव में हजारों लोग बाढ़ की वजह से अपने घरों में कैद हैं। पथनमतित्ता, एर्नाकुलम और थरिस्सुर जिलों के कई हिस्सों में जल स्तर 20 फीट से ज्यादा पहुंच गया है, जिसकी वजह से गलियां गहरी झीलों में तब्दील हो गई हैं। मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य केंद्रीय नेताओं से गुरुवार को और ज्यादा मदद का आग्रह किया है।यही नहीं, कन्नूर, वायनाड़, कोझिकोड, मलप्पुरम और इडुक्की जिलों में पहाड़ ढहने के मामले भी सामने आए। इस बीच, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मल्लपेरियार डैम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह डैम का पानी छोड़े जाने से होनेवाली स्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से इसका प्लान तैयार करके रखें। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने केरल और तमिलनाडु की समस्या को हल करने के लिए सामंजस्यपूर्ण तरीके से काम करने कहा है।
केरल बाढ़: 167 लोगों की मौत, 8000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
