भारत-चीन सीमाओं की निगरानी की जिम्मेदारी बखूबी निभा रहा आईटीबीपी : राजनाथ

ग्रेटर नोएडा| सरकार को भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 50 नई अग्रिम चौकियां बनाने का प्रस्ताव मिला है जिसपर जल्दी फैसला लिया जाएगा। यह बात आज केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारत-तिब्बत पुलिस बल (आईटीबीपी) के 56वें स्थापना दिवस पर आईटीबीपी की 39वीं बटालियन में आयोजित कार्यक्रम में कही।
इस मौके पर राजनाथ ने परेड की सलामी ली और आईटीबीपी जवानों के उत्साह एवं कार्यकुशलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि 9 हजार से लेकर 18 हजार फीट से ज्यादा तक की ऊंचाई वाले इलाके में भारत-चीन की सीमाओं की निगरानी की जिम्मेदारी इनके ही कंधों पर है। कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा से देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, इसका अनुमान दिल्ली में बैठकर कोई नहीं लगा सकता है।
उन्होंने कहा कि आईटीबीपी के जवानों की भूमिका बहुयामी है। नक्सलवादियों और उग्रवादियों के हौसले पस्त करने के काम करते हैं। उन्होंने कहा कि बॉर्डर आउट पोस्ट्स से अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने की योजना है। इसके लिए इन क्षेत्रों में 25 नई सड़कें भी बनाई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि सरकार को भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 50 नई अग्रिम चौकियां बनाने का प्रस्ताव मिला है जिसपर जल्दी फैसला लिया जाएगा। कहा कि लद्दाख में कड़ाके की ठंड में भी बीओपी पर 20 डीग्री तापमान सुनिश्चित करने के लिए एक मॉडल बीओपी भी बनाई जा रही है। अगर ये सफल रहता है तो इसी तरह की और बीओपी लगाई जाएंगी। सरकार ने पेट्रोलिंग के लिए स्नो स्कूटर की सुविधा भी मुहैया करना प्राम्भ कर दिया है। अभी इसकी कमी है, जिसकी पूर्ति जल्द ही की जाएगी।
गृह मंत्री ने आईटीबीपी द्वारा महिला सशक्तिकरण डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान,विश्व योग दिवस में की गई सक्रिय पहल एवं बल द्वारा निभाई जा रही उल्लेखनीय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा शहीद के परिवार को सहायता राशि के रूप में 1 करोड़ रुपया प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सीमावर्ती इलाके में रहने वालों के साथ दोस्ताना व्यवहार बानाने के लिए सीमा पर तैनात जवानों को कहा। राजनाथ सिंह ने कहा अब प्रशिक्षण के दौरान जवानों को चीनी भाषा भी सिखाई जाएगी।
आईटीबीपी के डीजी आर.के. पचनन्दा ने कहा कि आईटीबीपी के इतिहास में पहली बार ऐसा दस्ता बनाया गया है ताकि भारत-चीन सीमा पर जवानों की आवाजाही तेजी से संभव हो सके। उन्होंने जल्दी ही आईटीबीपी का एक गुप्तचर प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाने की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर बल के 6 पदाधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं 26 अन्य पदाधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदकों से विभूषित किया गया। बल में सेवारत पशुओं हेतु पदक की श्रेणी में बेसिक ट्रेनिंग सेंटर भानू से ब्लैक ब्यूटी अश्व एवं 29 वीं वाहिनी छतीसगढ़ से मछली श्वान को बल के श्रेष्ठ अश्व एवं श्वान घोषित किया गया। गृह मंत्री द्वारा इन्हें पदकों से नवाजा गया। वर्ष 2017 के लिए बल की 38 वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ नॉन बॉर्डर बटालियन तथा प्रथम वाहिनी को ओवरऑल सर्वश्रेष्ठ वाहिनी घोषित किया गया तथा शील्ड भेंट की गई। इस मौके पर आईटीबीपी की पर्वतारोहण इकाई,नक्सल विरोधी और कमांडो दस्तों और अन्य टुकड़ियों ने अपने रक्षा कौशल का प्रदर्शन किया।

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