तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप प्रश्नोत्तर – 3 अक्सर उठती है मन के अंदर यह पीड़ा, क्या कभी समय के नियम समझ भी आयेंगे। हर बार करेगा काल अंत मे जय हमको, या हममें भी कुछ कालजयी कहलायेंगे।। (1) क्या चाल समय की निश्चित है, निर्धारित है, जो छूट गया, वह क्यों इतिहास कहाता है। क्या वर्तमान है धरती, पाँवों के नीचे, अक्सर क्यों आने वाला भी दिख जाता है।। (2) जाने भविष्य, फिर यह अतीत, फिर वर्तमान के मध्य कौन सी डोर सदा सेि जीवित है। है…
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“कोरोना-क्लेश“
सी. पी. सिंह, एडीटर-ICN ग्रुप मेरे – प्राणों – से – भी – प्यारे – हिन्द , सरबस – अर्पण – तुझ – पर | आ -लदी – महामारी -ये – निन्द , हुई – हानि -से – दुखि -हिय – भर || हम , घर – में – रहेंगे , किसी – से – भी – न – मिलेंगे | नाक – मुहँ – न – छुएँगे , ना , भीड़ – में – जा , कहीं – मिलें – हिलेंगे | हाँथ – धोते – रहेंगे , अपनों…
Read Moreतीन प्रश्न-तीन उत्तर
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप भाग-2 अक्सर कचोटती है मन की यह हूक, हमें, क्या धार समय की सिर्फ़ बहा ले जायेगी। हम पुत्र अपाहिज कथनी के ही सिद्ध हुये, या करनी हमसे भी इतिहास लिखायेगी।। (1) क्या जीवन साँसों का है आना-जाना भर, या नश्वर जीवन अमृत भी बन सकता है। टूटे तारों सा होता है केवल जीवन, अथवा सूरज सा अक्षत भी बन सकता है।।(2) युग युग से हिम में देह जमी है जो अपनी, क्या उसमें भी इक रोज़ हरारत जागेगी। जो रिक्त सदा है…
Read Moreकोरोना ने छेड़ा बेसुरा राग, युवा संगीतकार वाजिद की दुखद मृत्यु
सुरेश ठाकुर बेहतरीन म्यूजिक डायरेक्टर और लिरिसिस्ट होने के साथ-साथ वे एक शानजदार सिंगर भी थे।1998 में फिल्म ‘प्यार किया तो डरना क्या’ से अपने भाई साजिद खान के साथ एक युगल संगीतकार के रुप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले वाजिद लगातार हिट संगीत देकर लोगों ख़ासकर युवाओं के बीच बहुत जल्दी लोकप्रिय हो गए थे | क्रूर कोरोना ने संगीत के जिस सुरीले स्वर को बेहद बेसुरे अंदाज़ में छेड़ दिया, उसका नाम है ‘वाज़िद ख़ान’ | अभी इरफ़ान ख़ान और ऋषि कपूर की दुख़द मृत्यु पर…
Read Moreविश्व तंबाकू निषेध दिवस: धुएँ में स्वाहा होती जिंदगियां।
डॉ अनुरूद्ध वर्मा, एडीटर-ICN वर्तमान समय में तम्बाकू एवँ धूम्रपान की लत पूरे विश्व में जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है और पूरा चिकित्सा जगत समस्या से चिंतित है कि किस प्रकार इससे मुक्ति पाया जाए। तम्बाकू के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणाम एवम उससे होने वाली बीमारियों के कारण पूरी चिकित्सा व्यवस्थाएं चरमरा गईं हैं ।तम्बाकू की वजह से होने वाली बीमारियों से जन हानि के साथ साथ इनके उपचार पर होने वाले अतिरिक्त वित्तीय खर्च से देशों का विकास प्रभावित होता है तथा तम्बाकू जनित…
Read Moreतीन प्रश्न-तीन उत्तर
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप भाग-1 अक्सर मन में यह प्रश्न उमड़ कर उठता है, भावी पीढ़ी को हम क्या देने वाले हैं। अवसाद, निराशा के अंधियारे जंगल में, क्या आशा के अब भी अवशेष उजाले हैं? (1) कैसे कह दें बच्चों से सपने झूठे हैं, कैसे कह दें इनके आधार नहीं होते। कैसे बतलायें हम जीवन के सत्य इन्हें, सपने बस सपने हैं, साकार नहीं होते।। (2) परियाँ केवल कल्पना लोक की बातें हैं, दादी-नानी बस झूठ यहाँ सब कहती हैं। गुड्डे-गुड़िया बचपन की केवल नासमझी, बुढ़िया,…
Read Moreग़ज़ल–कैसे कह दूं कि बेक़रार नहीं ….
केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने ग़ज़ल – कैसे कह दूं कि बेक़रार नहीं …. गायक – डॉ अश्विनी कुमार (पूना) संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही https://youtu.be/XPcAJoch5Ks संगीत के क्षेत्र में डॉ अश्विनी कुमार का नाम जाना पहचाना है। एम.ए.,पीएचडी और संगीत भास्कर डॉ अश्विनी कुमार विगत 25 वर्षों से दूरदर्शन में कार्यक्रमों का निर्माण और निर्देशन कर रहे हैं। वह फ़िल्मों और टेलीविज़न धारावाहिकों/ कार्यक्रमों/ विज्ञापनों आदि में भी संगीत निर्देशन करते रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर…
Read Moreग़ज़ल–हम अकेले तो हैं मजबूर नहीं….
केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने ग़ज़ल – हम अकेले तो हैं मजबूर नहीं…. गायक – अर्नब चटर्जी (मुंबई) संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही https://youtu.be/GxeHwC9NAxc बिलासपुर छत्तीसगढ़ में जन्मे गायक – संगीतकार अर्नब चटर्जी मुंबई में विगत 25 वर्षों से संगीत के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने डॉ. बिप्लव चक्रबर्ती (बिलासपुर), पं प्रताप नारायण(मुम्बई), पं रमेश प्रेम व गीता प्रेम(मुम्बई), ग़ज़ल सम्राट जगजीत सिंह(मुम्बई), पं प्रेम कुमार मलिक(प्रयागराज) जैसे गुरुओं से संगीत सीखा है। अर्नब…
Read Moreचिर-प्रतीक्षा
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप कहानी हवा का एक तेज़ झोंका आया और खिड़की के नीले पर्दों को लहरा गया । कांच का फूलों का गुलदस्ता परदे से टकरा का नीचे गिर पड़ा। कांच बिखर गया फर्श पर । एक सम्मोहन से जैसे जागा मैं – विचारों की भीड़ में पहली बार मुझे यह अहसास हुआ कि मैं अकेला हूँ – बहुत अकेला । दूर तक चले हुए सफ़र में अब तक तो मेरे पांवों के निशान भी शेष नहीं हैं … समय की आंधी ने सब कुछ…
Read Moreगर्मी में शरीर के लिए खतरनाक बीमारी है हीट स्ट्रोक
डॉ अनुरूद्ध वर्मा, एडीटर-ICN उफ़ आग उगलती गर्मी, सूरज की अत्याधिक तेज किरणें, गर्म हवा की लपटें शरीर को बीमार बना सकती हैं। इस प्रकार के बिकट मौसम में लू लगना जिसे सन स्ट्रोक अथवा हीट स्ट्रोक भी कहा जाता है। हीट स्ट्रोक वहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और यदि समय से देखभाल एवँ उपचार ना हो शरीर का तापमान नियंत्रित ना हो तो जानलेवा भी हो सकती है हीट स्ट्रोक एक ऐसी अवस्था है जिसमें व्यक्ति के शरीर का तापमान अत्यधिक धूप या गर्मी की वजह से बढ़ने…
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