तेज़ गेंदबाज़ी का ख़ौफ और भारत का सबसे तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद निसार

एज़ाज़ क़मर, एसोसिएट एडिटर-ICN नई दिल्ली। यद्यपि उस समय ना तो गति मापने वाला कोई यंत्र होता था और ना ही अपना शरीर बचाने के लिये सुरक्षा के समान (हेल्मेट, चेस्ट गार्ड, एल्बो गार्ड, आर्म्स गार्ड, थाई गार्ड आदि) मुहैया थे,फिर भी उस पीढ़ी के क्रिकेट विशेषज्ञो और पत्रकारो की दृष्टि तथा परख किसी भी तरह से वर्तमान पीढ़ी के लोगो से कम नही होती थी,क्योकि उनकी दूरदर्शिता ने खून की होली खेलने की महत्वकांक्षा के कारण बॉडिलाइन जैसे एक छोटे से कुकर्म को क्रिकेट जगत का कलंक बना दिया…

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गीत: छाई घटा घनघोर सखी री आओ मेहंदी रचाएं

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत – छाई घटा घनघोर सखी री आओ मेहंदी रचाएं गायिका – सरोज मिश्रा संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही https://youtu.be/M_FP14Uw4XA गायिका सरोज मिश्रा का जन्म रवींद्र संगीत के प्रसिद्ध स्थान कोलकाता में  हुआ था। पिता के भारत सरकार की सेवा में होने के करण इन्हें देश के अलग अलग स्थानों पर रह कर विभिन्न संगीत उस्तादों के सानिध्य में क्लासिकल व सेमी क्लासिकल संगीत की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ…

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उर्दू शायरी में ‘बारिश’ : 1

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  बारिश, बरसात या सावन – ये केवल झर झर झरते पानी का ही मौसम नहीं है बल्कि ये मदमस्त कर देने वाली सोंधी सोंधी कच्ची खुश्बू का भी मौसम है। यह दुनिया के सभी साहित्यों के सबसे पसंदीदा विषय है। प्रेम का, इश्क का और मोहब्बत का हर रंग इसमें कभी गुनगुनाता हुआ, कभी मुस्कराता हुआ और कभी आँखों मे छलछलाता हुआ मौजूद है। बरसात संयोग का भी मौसम है और वियोग का भी। जिस का प्रेमी साथ में है, बारिश उसे अपनी…

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शहद से मीठी ज़बान उर्दू की शायरी से जन्मी दिल्ली की गंगा-जमुनी तहज़ीब का आख़िरी चिराग़ बुझ गया

एज़ाज़ क़मर, एसोसिएट एडिटर-ICN क्या किसी एक शायर के चले जाने से शायरी के सफर को लगाम लग जाती है? क्या मिर्ज़ा ग़ालिब के इंतेकाल से उर्दू का कारवां रुक गया? क्या एक इंसान के गुज़र जाने से साझा विरासत तितर-बितर होकर बिख़र जाती है? क्या महात्मा गांधी के निधन से हिंदू-मुस्लिम एकता खत्म हो गई? ज़ाहिर सी बात है कि इन सभी सवालो के जवाब मे कहा जायेगा, कि “किसीे एक व्यक्ति के होने या ना होने से कोई असर नही पड़ता है और दुनिया चलती रहती है”,किंतु यह…

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मेरी ग़ज़ल

सुहैल काकोरवी, लिटरेरी एडिटर-ICN ग्रुप नहीं आसां जुनूने इश्क़ में हुशिआर हो जाना कि जैसे नींद का हमला हो और बेदार हो जाना Consciousness is not easy in love lunacy As in the attack of sleep for awakening no possibilty कहानी हो गए वो दिन कि जब खुशियां छलकती थीं तेरा सरशार हो जाना मेरा सरशार हो जाना Became tale those days when spilled around  the glee And are no more my frenzy and too your frenzy न घर से वो निकलता है न मैं इक खौफ है ऐसा कहाँ…

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स्वर्गीय वी०पी० सिंह का जन्मदिन “स्वाभिमान दिवस” घोषित किया जाएं!

एज़ाज़ क़मर, एसोसिएट एडिटर-ICN नई दिल्ली। सामान्य व्यक्ति के लिए शब्दार्थ और भावार्थ मे कोई अंतर नही होता है, किंतु एक लेखक के लिये जिस लिखित शब्द को पढ़ने मात्र से उस शब्द का अर्थ स्पष्ट जाये तो वह उस अर्थ को शब्दार्थ कहता है और वह पंक्तियो मे छुपे उस शब्द के भाव को व्यक्त करने को भावार्थ कहता है,परन्तु जनसाधारण की भाषा मे अर्थ और व्याख्या के बीच की चीज़ (विषय-वस्तु) को भावार्थ कहते है,जैसे :- सूफी संतो द्वारा प्रेम शब्द का उपयोग भगवान के लिये किया जाता…

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गीत-गीता : 5

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  (श्रीमद्भागवत गीता का काव्यमय भावानुवाद) प्रथम अध्याय (अर्जुन विषाद योग) (छंद 29-34)   अर्जुन : (श्लोक 28-46)   मारकर धृतराष्ट्र की संतान हमको क्या मिलेगा। पापियों को मारकर भी पाप हमको ही लगेगा।। है नहीं सामर्थ्य मुझमें, बांधवों को मारने का। फल अधिक मीठा मिलेगा,युद्ध फिर भी हारने का।।(29)   मानता हूँ भ्रष्ट हैं सब, लोभ में भटके हुये हैं। स्वार्थ सबके नीतिगत अन्याय में अटके हुये हैं।। जानते हैं किंतु हम कुलनाश है अपराध भारी। पाप से उन्मुक्ति की क्यों रीति न…

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गीत: प्रेम है सागर प्रेम लहर है 

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN  “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत –  प्रेम है सागर प्रेम लहर है गायिका – रेनू पांडे संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही म्युज़िक अरेंजर – अरुण शर्मा https://youtu.be/-Wt8xeYrUOc गायिका  रेनू  पान्डे विगत  30 वर्षों से  आकाशवाणी  लखनऊ की लोकसँगीत  एवं  सुगम सँगीत  की  कलाकार हैं। उन्होँने  शास्त्रीय संगीत की  शिक्षा  श्री कृष्ण कुमार  कपूर जी से ली एवम्  भातखण्डे सँगीत विद्यालय से निपुण  किया है। लोकगीत  एवं गज़ल गायकी की  शिक्षा  उन्होने यश  भारती पुरस्कार  प्राप्त  श्री  संगीतकार …

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गीत: तुम बिन मोरे सांवरिया कैसे कटेगी रैन

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN  “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत –  तुम बिन मोरे सांवरिया कैसे कटेगी रैन राग किरवानी  : ताल कहरवा गायक- प्रो विद्याधर मिश्र संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही https://youtu.be/gckjK726dTg सुप्रसिद्ध गायक प्रोफ़ेसर विद्याधर मिश्र ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संगीत में पीएचडी की है। प्रयाग संगीत समिति की संगीत प्रवीण परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर वह टॉपर और गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में वह अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार हैं।वह आकाशवाणी और दूरदर्शन के…

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मानसून के मौसम में रखें सेहत का ख्याल: जरूरी है सावधानी

डॉ अनुरूद्ध वर्मा, एडीटर-ICN गर्मी के मौसम के बाद मानसून की प्रतीक्षा रहती है, लगता है कि बरसात के मौसम की फुहारों से कुछ राहत मिलेगी परन्तु बरसात का सुहाना मौसम अपने साथ अनेक बीमारियां भी लाता है। मानसून की शुरुआत हो गई है और बरसात के इस मौसम में कालरा, पेचिस, दस्त, गैस्ट्रोइंट्राइटिस, फूड पाॅयजनिंग, बदहजमी के साथ मलेरिया, वायरल फीवर, डेंगू, चिकुनगुनिया, कन्जेक्टवाइटिस, पीलिया, टाइफाइड बुखार, जापानी इन्सेफेलाइटिस, फोड़े-फुंसी एवं अन्य  अनेक रोगों के आक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।  बरसात के इस मौसम में कुछ सावधानियाँ अपनाकर…

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