कोरोना वायरस : सन्नाटे में साँस-3

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप आज हम सब अपने-अपने घरों में कैद हैं और टेलीविजन व अन्य माध्यमों से अपने वर्तमान को परख रहे हैं। मोबाईल व इंटरनेट जैसी सुविधाओं की यदि खोज न हुई होती तो शायद यह पता ही नहीं चल पाता कि कौन अपने घर में है, कौन हास्पिटल में और कौन कब्रिस्तान में। हम अपनी चिंताओं व दुश्चिंताओं के मध्य कभी समय के एक किनारे से टकराते हेैं तो कभी दूसरे। मो० तौसीफ़ हमारे परिवार के वे सदस्य हैं जिनसे हम सब बेपनाह प्यार करते…

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जिनसेंग के फायदे और नुकसान

By: Dr. Ripudaman Singh, Associate Editor-ICN & Hemant Kumar, Asstt. Editor-ICN जिनसेंग होम्योपैथिक दवाओं के पैकेज के रूप में भी जाना जाता है। यह एक लोकप्रिय स्वास्थ्य लाभकारी पदार्थ है जो मूल रूप से एक पौष्टिक जड़ी बूटी है।यह साइबेरिया, उत्तरी चीन और कोरिया में पाया जाता है। इसकी जड़ गुदेदार होती है। जिनसेंग एक स्वास्थ्य लाभकारी पदार्थ है और इसका प्रयोग हजारों सालों तक पारंपरिक चीनी (Chinese) चिकित्सा में किया गया है। लेकिन औषधीय गुणों के कारण अब कई पश्चिमी देशों में इसको अपनाया जाने लगा है। जिनसेंग चाय, कैप्सूल, पाउडर आदि को मेडिकल स्टोर से ख़रीदा जा सकता…

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कोरोना, लॉकडाउन और हम

सुरेश ठाकुर “जान है तभी जहाँ है…वरना सब व्यर्थ है”| बरेली: प्रधानमंत्री ने अपने उद्बोधन में लॉकडाउन को एक बार पुनः 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है | हालाँकि कुछ प्रांतीय सरकारें पहले ही इसे 30 अप्रैल तक बढ़ाये जाने की घोषणा कर चुकी थीं | हम सब जान चुके हैं कि लॉकडाउन एक ऐसी स्थिति है जहाँ समस्त सामाजिक, औद्योगिक, व्यापारिक, शैक्षिक, परिवहन आदि सम्बंधी गतिविधियाँ ठहर जाती हैं | इन गतिविधियों के ठहर जाने का अर्थ है जीवन का ठहर जाना, विकास का अवरुद्ध हो जाना |…

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कोरोना वायरस : सन्नाटे में साँस-2

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना आज सारे विश्व में कदम ताल कर रहा है और अजेय सा प्रतीत होता यह मानव निर्मित वायरस विश्व के बड़े से बड़े देश को भी घुटने टेकने को विवश कर रहा है। शायद आज कल मृत्यु की ऋतु आई हुई है और विश्व निर्माण के नाम पर मात्र नये कब्रिस्तान बनाने में ही व्यस्त है। शहरों, गाँवों, सड़कों, बाजा़रों, कार्यालयों, विद्यालयों व कारखानों में सन्नाटों का कब्जा है। शायद इससे पहले हमने अपनी ही साँसों की…

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रेडियो मयूर 90.8 FM लेकर आया है आपके लिए एक बेहतरीन लॉक डाउन अवेयरनेस एक्टिविटी ‘ कोरोना फाइटर्स अवेयरनेस सुपरस्टार’ ।

छपरा : क्या हुआ ? लॉक डाउन और बढ़ गया ?? घर मे बैठे बैठे बोर हो रहे हैं ??? हमारे पास है आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन अगर आप अच्छा गातें हैं , अच्छा बोलते हैं , अच्छी कहानी सुना सकते हैं , अच्छा नृत्य कर सकते हैं , अच्छा कविता पाठ कर सकते हैं तो बस तैयार हो जाइए एक अलग अनुभव के लिए । रेडियो मयूर 90.8 FM लेकर आया है आपके लिए एक बेहतरीन लॉक डाउन अवेयरनेस एक्टिविटी ‘ कोरोना फाइटर्स अवेयरनेस सुपरस्टार’ । अगर आपको ऊपर…

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छत्रपति शिवाजी का राजनैतिक दर्शन

प्रो. प्रदीप कुमार माथुर पिछले दिनों में धर्मान्धता की आंधी ने हमारा चिन्तन ही मानो कुठित कर दिया है। अपने इतिहास को समझने में हम विश्लेषण और अध्ययन के स्थान पर पूर्वाग्रहों का सहारा लेने लगे हैं। जहां एक और महाराणा प्रताप, गुरु तेग बहादुर और शिवाजी को भारतीय एकता का विरोधी बताया जा रहा है वहीं दूसरी ओर मुस्लिम शासकों को हिन्दु विरोधी कहा जा रहा है। सत्य यह है कि हम अंग्रेजों द्वारा पैदा किए गए मिथ्या भ्रमों के शिकार होते जा रहे हैं। यह विडम्बना ही कही…

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कोरोना वायरस : सन्नाटे में साँस-1

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप आज संपूर्ण विश्व में शोले फिल्म के इमाम साहब व वृद्ध बाप का रोल अदा करने वाले वरिष्ठ कलाकार ए.के.हंगल का एक डायलॉग ही गूँजता सुनाई पड़ रहा है, “अरे भाई! इतना सन्नाटा क्यों है?” सच है, मृत्यु के भय से दुबका हुआ मानव पूरे विश्व में आज अपने घरों में कैद होकर एक ऐसी वैश्विक तस्वीर का हिस्सा बना हुआ है जिसकी भौतिक विकास की अंधी दौड़ में हवा से होड़ लगाते विश्व के कैनवास पर उपस्थिति अंसभव प्रतीत होती थी। “जीवन चलने…

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समय और हम: 2

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हमारा ‘मैं’ तो सदैव हमारे साथ रहता है। वह न कभी व्यतीत होता है, न कभी उसका जन्म होता है और न ही कभी उसकी मृत्यु होती है। इस बात को और अधिक स्पष्ट करने के लिए यदि मैं आपसे पूछूँ – बचपन तो बीत गया, युवा अवस्था व्यतीत हो रही है एवं वृद्धावस्था भी आयेगी । वह कौन है आपके अंदर जो ‘बचपन’ में भी था, ‘आज’ भी है और ‘कल’ भी रहेगा। न वह कहीं गया और न ही कहीं से आएगा।…

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*सन्नाटे का सबक*

By: Akhil Kumar Srivastava, Bureau Chief-ICN U.P. दुख का सन्नाटा गहरा है । जीवन दुनिया का ठहरा है।। हरदम गिनती बढ़ती जाती। साँसें पल पल थमती जाती।। पहुंचा मंगल चाँद तलक जो। नतमस्तक है किंतु विश्व वो। जिसने पंख प्रकृति के नोचे। पड़ा ज़मीं पर गुपचुप सोचे।। सृष्टि रही फुफकार भयानक। विवश विश्व हो गया अचानक।। कुछ विचार कर मनुज अभागे। हिंसा सदा जीव पर त्यागे ।। प्रलय यही, इसमें क्या शक है। मिला प्रकृति से बड़ा सबक है।। संकट में है साँस अभी भी। लेकिन जीवित आस अभी भी।। दुख…

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मैं भारत हूं

मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप सहसवान/बदायूं: भारत विश्व के प्राचीन देशों में से एक देश है। विशाल हिमालय  इस देश की सरहदों का निगहबान है और गंगा जमुना नदियां इसकी (पवित्रता )की निशानी है। अनेकता में एकता इसका जेवर (आभूषण )हया और लज्जा  इसके  वस्त्र हैं, और धर्मनिरपेक्षता(secularism) इसकी रूहू (आत्मा) है। भारत माता के मातृत्व का कोमल आंचल इतना वसी यानी विशाल है  कि इसकी ममता के आंचल तले विभिन्न प्रकार के  धर्म  जाति पंथ एवं संप्रदाय  तथा  विभिन्न प्रकार की भाषाएं बोलने वाले गोरे और काले…

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