मैं और मेरी कविता

आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P. बहुत देर तक मेरी कविता मेरे साथ टहलती रही हम दोनों ने ख़ूब बातें की तुम्हारी बात आते ही झगड़ गये हम दोनो फिर दोनो ख़ामोश थे….. आज तक कायम है ख़ामोशी मुझको मनाना चाहती है वो उसे मनाना चाहती हूँ मैं मेरे पास छूट गयी है उसकी लय वो ले गयी है मेरा बिखरना….. इन दिनो चाँद तारे सब  बनाते हैं समद्विबाहु त्रिभुज एक दूसरे को सोचकर मौन हैं आधार के दोनो कोनों पर  टिकी सी मैं और मेरी कविता……. मैं देखती…

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विश्व उच्च रक्तचाप दिवस पर विशेष: हल्के में ना लें उच्च रक्तचाप को -सतर्क रहें, नियंत्रित रखें और स्वस्थ जीवन जियें ।

डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप विश्व उच्च रक्तचाप दिवस प्रतिवर्ष 17 मई को मनाया जाता है। उच्च रक्तचाप की समस्या की गंभीरता का अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि दुनिया मे लगभग 1 अरब 30 करोड़  लोग इससे प्रभावित हैं वंही पर देश में लगभग 30 करोड़ से अधिक लोग इससे पीड़ित हैं । साइलेंट किलर के नाम से प्रसिद्ध  यह रोग दुनिया में अकाल मृत्यु का प्रमुख कारण है । उच्च रक्तचाप की समस्या की गंभीरता को देखते हुये…

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प्रवासी मजदूर: भूत वर्तमान और भविष्य

डॉ अनुरूद्ध वर्मा, एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप  बेहतर आमदनी एवँ अच्छे जीवन की उम्मीद लिये देश के गॉवों के करोड़ों मजदूर भिन्न-भिन्न राज्यों में मजदूरी करने के लिऐ  मजबूर हैं । अपना गांव, वतन, जमीन छोड़कर जीवकोपार्जन के लिए  दूसरी जगह जाने के लिए विवश इन मजदूरों को परदेश कमाने वाला एवं आधुनिक भाषा में प्रवासी मजदूर कहा जाता है ।यह मजदूर वहां  राजगीरी, रिक्शा चलाना, ईंट गारा देना, ईंट भट्ठे पर काम करना, फ़ैक्टरियों में छोटी मोटी नौकरी करना, बढ़ाईगीरी, ठेला लगाना, रंगाई…

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घर लौटे मजदूरों का सपना पूरा करना होगा

डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप  बेहतर जिन्दगी की चाहत हर किसी को होती है। और बेहतर आमदनी एवँ अच्छे जीवन की उम्मीद लिये करोड़ों लोग अपना गांव और घर छोड़कर दूसरे प्रदेशों और विदेशों का रूख कर लेते हैं। भारत गांवों का देश है। गांवों में रोजगार के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में बेहतर जिन्दगी और ज्यादा आमदनी के लिए हर वर्ष लाखों ग्रामीण शहरों और महानगरों का रूख करते हैं। इस श्रमशक्ति को हम प्रवासी मजदूर के नाम से जानते…

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समय का गीत: 7

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप मैं समय के सिंधु तट पर आ खड़ा हूँ, पढ़ रहा हूँ रेत पर, मिटते मिटाते लेख, जो बाँचे समय ने।   बाग वो‌ जलियानवाला, गोलियों की सनसनाहट। क्रूर नरसंहार, मौतें, खून, चीखें, छटपटाहट।। मौत थी आज़ाद ने चूमी, भगत फाँसी चढ़े थे। लोग गाँधी की डगर पर, एकजुट होकर बढ़े थे।।   खून का था पर्व जिसके मध्य भारत बँट गया था। एक टुकड़ा देश, पाकिस्तान बन कर कट गया था।। गोलियाँ खा वक्ष पर, चुप हो गये निर्भीक गाँधी। विश्व रोया…

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लो आ गयी गर्मी

डॉ. नौशीन अली, ब्यूरो चीफ-आई.सी.एन. (म.प्र.)  भोपाल।हर मौसम की अपनी एक अलग पहचान होती है गर्मी का मौसम भी आ चूका है और साथ में कई बीमारियों की आमद भी इस मौसम में आपको खास एहतियात बरतनी होती है। अपनी सेहत के लिए क्युकी सूर्य देवता अपने चरम पर होते है आपको खाने-पीने से लेकर अपनी  त्वचा का भी खास ख्याल रखना होता है क्युकी अगर ज़रा सा ध्यान आपका हटा उसी में आप कई बीमारियों के चक्रव्यूह में फंस सकते है। हम आपको बताएँगे की क्या और कैसे आप खुद को स्वस्थ रखे गर्मियों में होने वाली समस्याए- डीहाइड्रेशन– हमारे शरीर का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना है पानी हमारे लिए बहुत ज़रूरी है  मनुष्य शरीर में पानी के…

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अशोक के पेड़ के फायदे

By: Dr. Ripudaman Singh, Associate Editor-ICN  & Hemant Kumar, Asstt. Editor-ICN अशोक के पेड़ के फायदे और नुकसान – शोक का मतलब दुख है। अशोक का मतलब है दुख या दर्द से राहत देने वाला। अशोक एक ऐसा वृक्ष है जिसके कई गुण हैं। इसका वैज्ञानिक नाम सरका असोच (Saraca asoca) है। यह पेड़ भारतीय उपमहाद्वीप खासकर दक्षिण भारत, मध्य और पूर्वी हिमालय के करीब पाया जाता है। अशोक वृक्ष को नेपाल, भारत और श्रीलंका में पवित्र माना जाता है। इस वृक्ष के साथ बौद्धों और हिंदुओं की मजबूत धार्मिक आस्था जुड़ी है। ऐसा…

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समय का गीत: 6

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप मैं समय के सिंधु तट पर आ खड़ा हूँ, पढ़ रहा हूँ रेत पर, मिटते मिटाते लेख, जो बाँचे समय ने।   काल ने देखे हज़ारों युद्ध यूँ तो रक्तरंजित। जंग ऐसी भी छिड़ी जिसमें हुआ यह विश्व खंडित।। वैश्विक था युद्ध पहला, उम्र बावन माह की थी। लड़ रहा था विश्व सारा, ऋतु भयानक दाह की थी।।   दूसरा भी युद्ध वैश्विक था, भयानक वो समर था। कौन था दुनिया में जो इसके असर से बेअसर था।। दो शहर जापान के बलि…

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चिरायता के फायदे और नुकसान

By: Dr. Ripudaman Singh, Associate Editor-ICN  &  Dr.Hemant Kumar, Asstt. Editor-ICN स्विर्टिया चिरेटा (Swertia Chirata) को भारत में चिरायता के रूप में जाना जाता है। स्विर्टिया चिरेटा इसका वैज्ञानिक नाम है। यह एक वार्षिक जड़ी बूटी है जो भारत भर में मिलती है और इसकी ऊंचाई 1.5 मीटर तक होती है। संस्कृत में इस जड़ी-बूटी को भूनिम्ब या किराततिक्त कहा जाता है। इस प्राचीन जड़ी बूटी को नेपाली नीम के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि यह नेपाल के जंगलों में एक आम पेड़ है। इस पौधे के बारे में सबसे पहले 1839 में यूरोप…

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पुलिस और जनता

मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप साठ के दशक में  हिंदी सिनेमा  की सबसे कामयाब फिल्म मुग़ले आजम बनी थी। फिल्म में मुख्य भूमिका अकबर ए आजम, शहजादा सलीम, व अनारकली की थी। फिल्म के अंत में मुगल शहंशाह अकबर अनारकली से मुखातिब होकर कहते हैं  “अनारकली  बखुदा हम मोहब्बत के दुश्मन नहीं लेकिन अपने उसूलों के गुलाम हैं। एक गुलाम की बेबसी पर  गौर करोगी तो शायद तुम हमें माफ कर सको।” सहसवान/बदायूं: फिल्म की बेशुमार कामयाबी की गंभीर, सख्त, तेज तर्रार व तमाम जमाने की बुराई  अपने…

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