अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: उच्च रक्तचाप और योग

नितिन कुमार ’हिन्दुस्तानी’  21 वीं सदी के वर्तमान परिवेष में मानव जाति में उच्च रक्तचाप एक गंम्भीर व अधितर जनमानस की समस्या बनती जा रही है। जिसके कारण मानव को हार्ट फेल्योर कोरीनरी हार्ट डिजीज एवं किडनी फेल्योर आदि अन्य भयानक समस्याये उत्पन्न हो रही है। अनियंत्रित जीवन शैली के कारण आज ज्यादातर लोग उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रसित है। उच्च रक्तचाप अग्र कारणो से व्यक्ति में होती है।  छोटी-छोटी बातों पे तनाव लेना।  आवष्यकता से अधिक मोटा होना।  बढ़ती उम्र के कारण।  नमक का अत्यधिक…

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गीत-गीता : 3

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  (श्रीमद्भागवत गीता का काव्यमय भावानुवाद) (छंद 15-21) संजय : (श्लोक 12-27) फिर युधिष्ठिर ने बजाया शंख अपना अनंतविजयम। शंखध्वनि का नाद स्वर से हो रहा रण बीच संगम।। तब नकुल ने शंख अपना भी बजाया है गरज कर। और फिर सहदेव मणिपुष्पक बजाते हैं निरंतर।।(15)   श्रेष्ठ काशीराज, सात्यिक, द्रुपद, वीर विराट डोले। वीर अभिमन्यु, शिखंडी, धृष्टद्युम्न के शंख बोले।। द्रोपदी के पुत्र पाँचों, शंख के मु़ँह खोलते हैं। इस महास्वर से डरे, कुरु वक्ष सारे डोलते हैं।।(16)   पार्थ ने ले शस्त्र…

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ग़ज़ल

सुहैल काकोरवी, लिटरेरी एडिटर-ICN ग्रुप  देती है सबक़ हमको इस क़ौल की दानाई “लम्हों ने खता की थी सदियों ने सजा पाई “ It gives a lesson to us, the sagacity of the version That erred the moments and got punishment the centuries मजनूं ने मोहब्बत से की मेरी पज़ीराई देखा जो मुझे उसने होते हुए सहराई The love lunatic [Majnu] lovingly welcomed me As he saw me intending to seek dwelling in loneliness like him इंसां से मोहब्बत में हम फ़र्क़ नहीं करते हिन्दू हो मुसलमां हो वो सिख…

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उर्दू शायरी में ‘ताजमहल’

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  ताजमहल न केवल अपने आप में अनूठा है बल्कि सारी दुनिया को सदैव मोहब्बत का पैग़ाम देने वाला यह वह करश्मिाई शाहकार है जिसका आज तक कोई दूसरा विकल्प संभव ही नहीं हुआ।   ताजमहल अगर मोहब्बत की सबसे खूबसूरत निशानी है तो कुछ लोग इसे दौलत के बल पर एक अंहकारी द्वारा मोहब्बत करने वाले गरीब आशिकों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचे की शक्ल में भी देखते हैं। कुछ लोग अगर दुनिया के सात अजूबों में शामिल इस बला की खूबसूरत इमारत…

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गीत: ये किसको था मालूम कभी अब ऐसे भी दिन आयेंगे, पर इतना हमको यकीन है वो दिन हम लौटा लायेंगे 

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN  “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत – ये किसको था मालूम कभी अब ऐसे भी दिन आयेंगे, पर इतना हमको यकीन है वो दिन हम लौटा लायेंगे गायिका- पार्श्व गायिका उषा तिमोथी स्वर – अशोक हमराही संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही म्यूज़िक अरेंजर – राहुल श्रीवास्तव https://youtu.be/Sff2pFA4aa8 वेटरन सिंगर उषा तिमोथी 1970 के दशक में उन्होंने मोहम्मद रफ़ी के साथ ज़्यादातर युगल गीत गाए।इसके अलावा मुकेश, शमशाद बेगम, सुमन कल्याणपुर, हेमलता, कृष्णा कल्ले आदि गायक कलाकारों के…

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कोरोना काल में सीमा पर असामायिक एवं दुर्भाग्यपूर्ण टकराव

प्रो. प्रदीप माथुर नई दिल्ली। विश्व की सबसे बड़ी जनसंख्या के 6 देशों में शामिल भारत, चीन और पाकिस्तान आज कोरोना वायरस की विभीषिका की रोकथाम और उस पर विजय पाने के एक ऐसे युद्ध में संलग्न है जैसे उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। एशिया के इन देशों में समस्त विश्व की लगभग आधी जनसंख्या रहती है। अंत कोरोना से इनका संघर्ष मानवता की रक्षा के लिए किया जाने वाला एक बड़ा संघर्ष है। कोरोना की विभीषिका ने समस्त विश्व की तरह ना सिर्फ हमारे इन तीन एशियाई देशों की…

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लद्दाख में शहीद हुए देश के रणबांकुरे बेटों के लिए श्रद्धांजलि गीत

सी. पी. सिंह, एडीटर-ICN ग्रुप “चीन – द्वारा- लद्दाख – में – शहीद – मेरे – देश – के – बेटे “ ये – शहीद – हैं – मेरे – देश – के , इनको – पूजे – ये – मन | अमर -हो – गए -सब -कुछ -दे -ये, गर्व – करें -जन – मन ||   यों – तो , बीस – घरों – के – थे – ये – चिराग ? उन – घरों – में – हैं – इनके – ज्यों – बिविध – राग |…

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गीत: उड़ गई निंदिया हमार सखी री परदेसिया के मारे … 

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN    “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत– उड़ गई निंदिया हमार सखी री परदेसिया के मारे … गायिका- तान्या भारद्वाज (बाराबंकी) म्यूज़िक अरेंजर और साउंड एडीटर – डी नाथ शर्मा संगीतकार – केवल कुमार गीतकार- अशोक हमराही https://youtu.be/63ZyngH9Gxg बचपन से ही प्रतिभाशाली तान्या भारद्वाज अपने जन्म स्थान गोरखपुर के भव्य दुर्गा पूजा से लेकर अन्य स्थानीय कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुति देती रही हैं, तत्पश्चात बाराबंकी में देवा,महादेवा आदि मोहत्सवों में अपने  गायन व नृत्य (कथक) से उपस्थिति दर्ज़ कराती रही हैं…

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अमीर खुसरो : भारतीय सांस्कृतिक पुरुष

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  यदि मध्यकालीन भारत को एक व्यक्ति के रूप में परखने की पहेली सुलझाने की शर्त हो तो इस शर्त को केवल एक ही उत्तर देकर जीता जा सकता है और वह है – खुद पहेलियों के बादशाह अमीर खुसरो।   अमीर खुसरो न केवल आज इतिहास के अंश हैं बल्कि वे अपने आप में संपूर्ण भूगोल, साहित्य, संगीत, संस्कृति व इतिहास भी हैं और तेजी से भागते हुये समय और बदलते हुये परिवेश के मध्य अपने स्थान पर मजबूती से ठहरा एक कालखण्ड…

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ग़ज़ल: हम तो महफूज़ अपने घर में हैं, फ़िक्र उनकी है जो सफ़र में हैं …

केवल कुमार, एंटरटेनमेंट एडिटर-ICN    “घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने ग़ज़ल – हम तो महफूज़ अपने घर में हैं, फ़िक्र उनकी है जो सफ़र में हैं … गायिका– मिथिलेश तिवारी (गोरखपुर) म्यूज़िक अरेंजर – के के सिंह संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही https://youtu.be/pJe_zc3Of2w गायिका मिथिलेश तिवारी आकाशवाणी व दूरदर्शन की अनुमोदित कलाकार हैं. उन्होंने दर्शनशास्त्र और संगीत गायन में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। मिथिलेश तिवार भजन, गीत , ग़ज़ल, लोक गीत सभी कुछ गाती हैं। अनेक संगीत रूपकों में उन्होंने…

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