हो ची मिन्ह सिटी: दिनांक 9 अगस्त 2020 को वियतनाम के तन फोंग वार्ड, डिस्ट्रिक्ट 7, हो ची मिन्ह सिटी मे आई०सी०एन० समूह द्वारा इंटरनेट सुविधा की (Online) सेवा के माध्यम से “ग्रीन स्पॉट्स अंडर आई०सी०एन० इंटरनेशनल रूलर एंटरप्रेन्योरशिप” पर एक अंतर्राष्ट्रीय वेब-सेमीनार का आयोजन किया गया। संपूर्ण विश्व का विकास ही हमारा विकास है। इन्हीं विचारों के समर्थकों की सोच का ही परिणाम है ‘आई सी एन’ जो जन्मी तो भारत में लेकिन जिसकी आँखों में संपूर्ण विश्व की पीड़ा है और जिसकी बाँहें विश्व के हर व्यक्ति के…
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इंसानियत (मानवता) की अलमबरदार (ध्वजा-वाहक) थी सूफीवादी लेखिका सादिया देहलवी!
एज़ाज़ क़मर, डिप्टी एडिटर-ICN नई दिल्ली। सुंदरता़, बुद्धि तथा वीरता जैसे गुण अगर किसी महिला मे हो तो वह रज़िया सुल्तान या इंदिरा गांधी बन जाती है, यद्यपि वह ना तो रज़िया सुल्ताना की तरह वीर, साहसी तथा क्रांतिकारी महिला थी,ना ही वह इंदिरा गांधी की चतुर राजनीतिज्ञ और कुशल प्रशासक थी,किंतु जितना सुंदर उनका चेहरा था उतने सुंदर उनके विचार भी थे अथवा उनके अंतर्मन के अंदर दया-करूणा तथा अमानवीय व्यवस्थाओ को बदलने के लिये परिवर्तन की सरिता बहती रहती थी। मातृभूमि के लिये उनका समर्पण देखते ही बनता था…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘आँसू’ : 4
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हर ‘आँसू’ यानी ‘अश्क’ की अपनी ही कहानी है। चाहे खुशी हो या ग़म, आँसू अपनी दोस्ती हमेशा ही शिद्दत से निभाते हैं। सत्यता यह है कि आँसू के खारे पानी में वह आग है जो दिल पर जमी बर्फ़ को गला देती है और उसके बाद आदमी अपने-आप को हमेशा ही हल्का और तरोताज़ा महसूस करता है। नाज़िम बरेलवी आधुनिक शायरी में एक चमकता हुआ नाम है। वे हर चीज़ को अपने अलहदा अंदाज़ में परखते हैं और उनका यह अंदाज़…
Read Moreसुष्मान्जलि से बॉलीवुड ने दिया सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि
नेशन फर्स्ट कलेक्टिव , संस्कार भारती पूर्वोत्तर और संस्कृति गंगा न्यास के संयुक्त तत्वाधान में सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर विशेष कार्यक्रम सुष्मांजलि का आयोजन किया गया फिल्म जगत हेतु उनके बिल पारित होने में श्रीमती सुषमा स्वराज की विशेष भूमिका रही: फिल्म जगत नई दिल्ली, 6 अगस्त, 2020 : आज भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जी के निधन के एक साल पूरे हो जाने पर सुष्मांजलि नाम से एक वर्चुअल इवेंट रखा गया | इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से नेशन फर्स्ट कलेक्टिव, संस्कार भारती…
Read Moreराम तो सबके हैं, राम तो सबमें हैं: पीएम मोदी
अयोध्या। पीएम मोदी ने अयोध्या में 12 बजकर 44 मिनट 8 सेकंड पर शुभ मुहूर्त में राम मंदिर की नींव रखी। इससे पहले चांदी की 9 शिलाओं का पूजन किया गया। अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ी जाकर दर्शन किए और आरती उतारी।कार्यक्रम को लेकर बनाए गए मंच पर पीएम मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास समेत केवल पांच लोग ही थे।आज पीएम मोदी ने 28 साल बाद रामलला के…
Read Moreईश्वर सबकी सुनता है।
अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘चमन’, सेवानिवृत्त अधिकारी एवं लिटरेरी एडिटर-ICN हिंदी कहानी फैक्ट्री के गेट से बाहर निकलने के बाद महेश लाल गेट के बायीं तरफ स्थित कैण्टीन की ओर मुड़ गए। अपनी जर्जर, खड़खड़िया सायकिल को उन्होंने कैण्टीन की दीवार से टिकायी, कैण्टीन में घुस कर वहॉं अलग-अलग मेजों पर छितराए पड़े अखबार के पन्नों को समेटा और उन्हें ले कर अपने नियत स्थान यानी कोने वाली मेज पर जा बैठे। उनको देखते ही कैण्टीन का नौकर छोटू पानी का गिलास रख गया। उसे चाय के लिए कह कर…
Read Moreकामयाबी किसी भी क़ीमत पर।
मोहम्मद सलीम खान, एसोसिएट एडिटर-आईसीएन सहसवान/बदायूं। ईश्वर ने इस संसार की सृष्टि रचने के साथ-साथ इस संसार को क़यामत तक चलाने के लिए इस धरती पर मनुष्य को पैदा किया और मनुष्य को पैदा करके उसे संसार में अकेला भटकने के लिए नहीं छोड़ दिया बल्कि उसकी मदद करने और उसकी सेवा करने के लिए हजारों की तादाद में अन्य प्रजातियों को पैदा किया। ईश्वर ने मनुष्य को सबसे अफजल (उत्तम) the most favourite मखलूक (प्रजाति) की श्रेणी में रखा और उसकी सेवा के लिए धरती पर विभिन्न प्रकार की सब्जियां…
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सुहैल काकोरवी, लिटरेरी एडिटर-ICN ग्रुप हम दोनों के होंठों पे हकीकत नहीं आती जो सिर्फ दिलों में है वो साअत नहीं आती Does not break under upon our lips the very reality That cherished moment never sets in, unfortunately अब देख लिया रुए दिल आराम किसी का अब दिल में मेरे ख्वाहिशे जन्नत नहीं आती Saw now that heart resting delightful countenance So enters not the desire of paradise in me hence इस वक़्त फ़िज़ा बदली है भूलो ग़मे हिज्राँ पास उसके तो हर रोज़ ज़रुरत नहीं आती The atmosphere…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘आँसू’ : 3
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हर ‘आँसू’ यानी ‘अश्क’ की अपनी ही कहानी है। चाहे खुशी हो या ग़म, आँसू अपनी दोस्ती हमेशा ही शिद्दत से निभाते हैं। सत्यता यह है कि आँसू के खारे पानी में वह आग है जो दिल पर जमी बर्फ़ को गला देती है और उसके बाद आदमी अपने-आप को हमेशा ही हल्का और तरोताज़ा महसूस करता है। प्रसिद्ध शायर शहरयार का वास्तविक नाम अख़लाक मोहम्मद खान है। उनका जन्म वर्ष 1936 में बरेली में हुआ तथा वर्ष 2012 में उनका इंतक़ाल…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘आँसू’ : 2
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हर ‘आँसू’ यानी ‘अश्क’ की अपनी ही कहानी है। चाहे खुशी हो या ग़म, आँसू अपनी दोस्ती हमेशा ही शिद्दत से निभाते हैं। सत्यता यह है कि आँसू के खारे पानी में वह आग है जो दिल पर जमी बर्फ़ को गला देती है और उसके बाद आदमी अपने-आप को हमेशा ही हल्का और तरोताज़ा महसूस करता है। पं० आनंद नारायण मुल्ला वर्ष 1901 में जन्मे और वर्ष 1997 में उनका निधन हुआ। पं० आनंद नारायण मुल्ला अत्यंत विद्वान थे तथा वे इलाहाबाद…
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