तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप आखिर यह आसमान है क्या? सुनते हैं – दिन को नीला, रात को काला और कभी-कभी अपनी ही मनमर्ज़ी से रंग बदलने वाला यह आसमान सिर्फ़ एक फ़रेब भर है विज्ञान कहता है कि आसमान, आकाश, नभ, गगन, अंबर, फ़लक, अर्श या आप उसे जो भी कहते हैं, शून्य मात्र है। शून्य अर्थात ज़ीरो अर्थात कुछ भी नहीं। शून्य का कहीं कोई अस्तित्व नहीं होता लेकिन हमें तो सर के ऊपर इतना बड़ा आसमान दिखाई देता है जिसका न कोई ओर है न…
Read MoreCategory: देश
तीन पीढ़ियों के जीवनानुभव के त्रिकोण पर उपजी कविताओं का कलरव
चन्द्रकान्त पाराशर (वरिष्ठ एसोसिएट एडिटर) ICN GROUP शिमला हिल्स : एक पीढ़ी को दूसरी पीढ़ी से जोड़ने का जरिया होते साहित्य की अभिवृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं -एक पिता, दो पुत्र व एक सुपौत्री का लेखन-प्रवाह। मूलतःआगरा शहर की पृष्ठभूमि से जुड़े कवि अनिल कुमार शर्मा उनके दो सपुत्र दुष्यंत शर्मा व सिडनी- आस्ट्रेलिया निवासी जयंत शर्मा एक सुपौत्री गार्गी शर्मा (11 वर्षीय) साहित्य को अपने लेखन के माध्यम से लगातार नए आयाम देने में तत्पर हैं।इन सबके क्रमश 1. कहीं कुछ कम है -कविता संग्रह2. खामोशी का शोर…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘आसमान’ : 1
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप आखिर यह आसमान है क्या? सुनते हैं – दिन को नीला, रात को काला और कभी-कभी अपनी ही मनमर्ज़ी से रंग बदलने वाला यह आसमान सिर्फ़ एक फ़रेब भर है। विज्ञान कहता है कि आसमान, आकाश, नभ, गगन, अंबर, फ़लक, अर्श या आप उसे जो भी कहते हैं, शून्य मात्र है। शून्य अर्थात ज़ीरो अर्थात कुछ भी नहीं। शून्य का कहीं कोई अस्तित्व नहीं होता लेकिन हमें तो सर के ऊपर इतना बड़ा आसमान दिखाई देता है जिसका न कोई ओर है…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘ख़्वाब’
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप अगर ख़्वाब नहीं होते तो शायद हम इंसान भी नहीं होते। आदमी ख़्वाब देखता है लेकिन जानवर कभी ख़्वाब नहीं देखते। आदमी और जानवर के बीच सिर्फ़ ‘ख़्वाब’ ही मौजूद हैं। हर तरक्की के पीछे हमेशा किसी का कोई ख़्वाब ही पोशीदा है। धरती पर सृष्टि के जन्म लेने से आज तक के सफ़र में करोड़ों अरबों ख़्वाब हैं जो लोगों की आँखों के समंदर में किसी किश्ती कि तरह तैरे और जिसमें से कुछ को तो किनारा मिला और बाकी को…
Read Moreआई सी एन : बुंदेलखंडी धरती पर हरित क्रांति के बीज
बांदा, 29.11.2020.इतिहास ने जिस बुंदेलखंड की धरती पर समय-समय पर आल्हा ऊदल व रानी लक्ष्मी बाई के रूप में शहीदों की फसल उगाई है, वह हरियाली के उस प्रजनन सुख का उस भाँति कभी भी अनुभव नहीं कर पाई जैसा सुख उसके पड़ोसी प्रांतों ने किया। चेहरे पर शत्रुओं को आतंकित कर देने वाले अतुलित तेज और विशाल भुजाओं में शत्रु दमन हेतु असीम बल समेटे बुंदेलखंड के भूख और अभाव से धँसे हुये पेट की ओर न कभी केंद्रीय सत्ता की दृष्टि गयी और न ही कभी प्रादेशिक सरकार…
Read Moreजर्मनी में आई सी एन का हरित घोष
आई सी एन ने रूरल इंटरप्रिन्यूरशिप मिशन को भारत की धरती से प्रारंभ कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सर्वप्रथम थाइलैंड व तत्पश्चात वियतनाम में अपने वैश्विक विशेषज्ञों व सहयोगियों के माध्यम से वेबिनॉर व वेबिशॉप के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित किया और इसी श्रृंखला में 18 सितंबर, 2020 को वीस्बॉडन,जर्मनी में अपना तृतीय कार्यक्रम आयोजित किया। वीस्बॉडन,जर्मनी : धरती ‘ग्रीन’ है इसीलिए इस पर जीवन है, इस पर आप हैं और हम हैं। इसीलिए यहाँ सपने हैं, संभावनाएं हैं और भूख है। ‘जीवन’, ‘जीविका’ व ‘संभावना’, शायद यह दुनिया का सबसे…
Read Moreउर्दू शायरी में ‘ख़्वाब’: 1
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप अगर ख़्वाब नहीं होते तो शायद हम इंसान भी नहीं होते। आदमी ख़्वाब देखता है लेकिन जानवर कभी ख़्वाब नहीं देखते। आदमी और जानवर के बीच सिर्फ़ ‘ख़्वाब’ ही मौजूद हैं। हर तरक्की के पीछे हमेशा किसी का कोई ख़्वाब ही पोशीदा है। धरती पर सृष्टि के जन्म लेने से आज तक के सफ़र में करोड़ों अरबों ख़्वाब हैं जो लोगों की आँखों के समंदर में किसी किश्ती कि तरह तैरे और जिसमें से कुछ को तो किनारा मिला और बाकी को समंदर…
Read Moreआईएसएम एडुटेक के ब्रांड एंबेसडर बने अभिनेता सोनू सूद
मिस्टर सोनू सूद रियल हीरो का एक आदर्श उदाहरण है। वैश्विक महामारी कोविड—19 ने इस फिल्म अभिनेता के मानवीय पक्ष को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जगजाहिर किया है। आईएसएम एडुटेक के संस्थापक अपने संस्थान के ऐसे छात्रों के लिए एक ऐसा अवसरों के प्रदाता बनना चाहते थे, जिनके पास क्षमता थी, लेकिन उच्च कैपिटेशन फीस या योग्यता परीक्षाओं में उत्तीर्ण न हो पाने संबंधी दुर्भाग्य के शिकार थे। ऐसे में सोनू सूद में उन्हें परफेक्ट मैच, यानी सब कुछ अनुकूल नजर आया है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के…
Read Moreभारतीय संगीत के आदि प्रेरक
डॉ शिखा भदौरिया, असिस्टेंट एडिटर, ICN एंटरटेनमेंट नाहं वसामि वैकुण्ठे योगिनां हृदयेन च । मद्भक्ता यत्र गायन्ति तत्र तिष्ठामि नारद ॥ भावार्थ :- अमुक श्लोक में भगवान विष्णु जी कह रहे है, ” हे नारद ! ना तो मैं वैकुण्ठ में निवास करता हूँ , ना ही योगीजनों के हृदय में ही मेरा निवास है। मै तो वहाँ निवास करता हूँ जहां मेरे भक्तगण गायन-वादन करते है। ” इस एक श्लोक से ही संगीत की प्रासंगिकता प्रदर्शित होती है की स्वयं ईश्वर भी संगीत को कितनी महत्ता देते है। जैसा…
Read Moreदोबारा से पूर्व-रियासत रामपुर मे पनपती कला-संगीत की संस्कृति!
एज़ाज़ क़मर, डिप्टी एडिटर-ICN ज़िला रामपुर के तिलक नगर कॉलोनी मे मशहूर अधिवक्ता और भाजपा के सबसे लोकप्रिय स्थानीय नेता श्यामलाल एडवोकेट जी के निवास स्थान पर ब्लू रिकार्डस एंटरटेनमेंट प्रोडक्शन (Blue Records Entertainment Production) द्वारा निर्मित एलबम “वीर जी” (VEER JI) के 10 सितम्बर 2020 को होने वाले प्रीमियर (रिलीज़) के अवसर तथा एलबम से संबंधित प्रश्नो को लेकर दिनांक 9 सितंबर 2020 को एक प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ करने वाले श्यामलाल एडवोकेट ने बताया कि रामपुर के माटी पुत्रो ने भारतीय इतिहास मे महत्वपूर्ण भूमिका…
Read More