तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप शायद ही दुनिया का ऐसा कोई व्यक्ति हो जिसे बचपन न भाता हो। हर व्यक्ति बड़ी हसरत से अपने बचपन को याद करता है। बचपन ज़िंदगी का वह खूबसूरत हिस्सा है जहाँ हर व्यक्ति खूबसूरत सपने देखता हेै और उसे विश्वास होता हेै कि यह सारी दुनिया उसकी मुट्ठी में है। बचपन जितना हसीन होता हेै, उतना ही ताज़ा भी। बच्चे हर व्यक्ति की कमज़ोरी हैं। सिर्फ़ अपने ही नहीं, बच्चे सभी के प्यारे लगते हैं। यहाँ तक कि सिर्फ़ इंसान के ही…
Read MoreCategory: राज्य
महाराणा प्रताप : एक अजेय योद्धा
सुरेश ठाकुर (महाराणा प्रताप की जयंती पर विशेष) —————————————– बरेली: महाराणा की उपाधि और ‘क्षत्रिय शिरोमणि’ के सम्मान से अलंकृत प्रताप सिंह जिन्हें हम सब महाराणा प्रताप के नाम से जानते हैं, मेवाड़ के शासक उदय सिंह के ज्येष्ठ पुत्र थे |यद्यपि महाराणा प्रताप के जन्म के वर्ष और तिथि को लेकर इतिहासकार एकमत नहीं हैं किंतु उनसे जुड़ी घटनाओं के तार्किक विश्लेषण के उपरांत 9 मई 1549 को महाराणा प्रताप के जन्म की तिथि और वर्ष के रुप में सर्वाधिक समर्थन मिला | राणा सांगा की मृत्यु के उपरांत…
Read Moreगीत–ये रात भी मेरी तरह अकेली है….
“घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत – ये रात भी मेरी तरह अकेली है…. गायिका – शिल्पी माथुर (लखनऊ) म्युज़िक अरेंजर – दीपक माथुर संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही संगीत परिवार में जन्मी जयपुर की शिल्पी माथुर का संगीत के क्षेत्र में एक जाना पहचाना नाम है। इन्होंने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपनी मां श्रीमती प्रीति माथुर से पाई। शिल्पी आकाशवाणी की ‘ए’ ग्रेड कलाकार हैं। इन्हें वर्ष 1986 में सुर संगम द्वारा आयोजित अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में ‘सुर श्री’…
Read Moreथैलेसीमिया दिवस पर विशेष: हीमोग्लोबिन निर्माण की प्रक्रिया के सही काम ना करने से होती है थैलीसीमिया की बीमारी
डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप हर वर्ष 8 मई को अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है इसका दिवस का उद्देश्य थैलेसिमिया की बीमारी के संबंध में जनता में जागरूकता उत्पन कर इसको रोकना है ,इस रोग के साथ जीने के तरीके बताना, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित टीकाकरण को बढ़ावा देना ,थैलेसीमिया से पीड़ित रोगियों को शादी से पहले चिकित्सक से परामर्श की सलाह देना । थैलेसीमिया बच्चों को माता-पिता से मिलने वाला अनुवांशिक रक्त-रोग है । इस रोग के होने…
Read Moreकोरोना,लॉकडाउन एवँ मानसिक स्वास्थ्य
डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप लॉक डाउन के दौरान यदि आपका मानसिक स्वास्थ्य अस्वास्थ्यकर है तो इससे निपटने के लिये सकारात्मक साचें, शारीरिक गतिविधियाँ जैसे व्यायाम, योग, प्राणायाम ,शारीरिक श्रम नियमित रुप से करते रहें। कोरोना,कोरोना और कोरोना आज कल हर तरफ केवल कोरोना की ही चर्चा है । चीन के वुहान शहर से चला कोरोना वायरस जिसे कोविड 19 के नाम से जाना जाता है. जिसनेआज पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है और इस आंख से ना दिखाई पड़ने…
Read More*एक गीत*(बुद्ध पूर्णिमा पर बुद्ध के प्रति संपूर्ण श्रृद्धा किंतु क्षमा के साथ)
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप हे तथागत! शीश झुकता है तुम्हारे ज्ञान के प्रति, किंतु है संदेह मन में, क्या सही था, ज्ञान हित में, भार्या व पुत्र का परित्याग आखिर? (1) कुछ नियम संसार के हैं और उनसे ही बंधी है सृष्टि, ये संसार सारा। रात छिप कर त्यागना सब, आचरण कैसे कहूँ था श्रेष्ठ, हे गौतम तुम्हारा ।। प्रीत-परिणय में बंधे तुम, किंतु पावन अग्नि की साक्षी शपथ हर तोड़ आये। था तुम्हारे ही बदन से, पुत्र जो…
Read Moreसंगीत के साधना पुरुष-केवल कुमार
सुरेश ठाकुर 4 जनवरी 1941 को लखनऊ में उदयगंज स्थित जयहिन्द चबूतरा बाल रुदन के रुप में एक ऐसी सुरीली किलकारी से गुंजायमान हो उठा था जो परिमार्जन के शिखर को स्पर्श करती हुई, संगीत का अनुपम पर्याय बन कर आज तक हमारे मन और आत्मा दोनों को विभोर कर रही है | ‘ नाद-ब्रह्म’ की असीम अनुकम्पा से श्रीमती रामप्यारी और श्री परमेश्वरी दयाल श्रीवास्तव के घर संगीत की जिस विलक्षण प्रतिभा ने जन्म लिया उस व्यक्तित्व को आज पूरा विश्व ‘केवल कुमार’ के रुप में पहचानता है |केवल…
Read Moreआम की उन्नत खेती एवं उत्पादन तकनीक
डॉ.रिपुदमन सिंह, एसोसिएट एडिटर-ICN हमारे देश में उगाए जाने वाले फलों में आम सबसे लोकप्रिय फल हैं। इसका फल विटामिन ‘ए’ तथा ‘सी’ का सर्वश्रेष्ठ स्त्रोत है। ताजा फल के उपयोग के अलावा इसका उपयोग अचार, अमचूर, चटनी, स्क्वेयर तथा मुरब्बा आदि उत्पाद बनाने में भी उपयोग किया जाता है। जलवायु एवं भूमि – आम के उचित बढ़वार एवं फलन के लिए जीवांशयुक्त गहरी बलुई दोमट मिट्टी जिसमें जल निकास की उचित व्यवस्था हो उपयुक्त रहती है। ऐसी भूमि जिसके 2 मीटर गहराई तक अवरोध ना हो आम उत्पादन के लिए अच्छी रहती है। भूमि का पीएच मान 6.5 से 7.5 होना आम उत्पादन के लिए उत्तम रहता है। चुनायुक्त कंकरीली पथरीली व ऊसर भूमि इसकी खेती (Mango farming) के लिए उपयुक्त नहीं है। आम की उन्नत किस्में- केसर– फल मध्य आकार के सुगंध युक्त, गुद्दा रेशे रहित, रंग केसरिया लिए हुए होता है। पूर्ण विकसित वृक्ष से औसतन 100 किग्रा फल वृक्ष प्राप्त हो जाते हैं इसके फल भी जुलाई में पकते हैं। दशहरी– फल आकार…
Read Moreविश्व अस्थमा दिवस: अस्थमा आज लाइलाज नहीं है इसका उपचार कराए।
डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप विश्व अस्थमा दिवस प्रत्येक वर्ष मई के प्रथम मंगलवार को विश्व में अस्थमा के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।सर्व प्रथम वर्ष 1998 में ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा (जीना) के द्वारा इस दिवस के आयोजन की शुरुआत की गई थी और प्रत्येक वर्ष “जीना” द्वारा ही विश्व अस्थमा दिवस का आयोजन किया जाता है। अस्थमा अथवा दमा की गंभीरता का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि देश में लगभग 15 से…
Read Moreजीवित रहने के लिए पानी की तरह जरूरी है प्रोटीन
डॉ. नौशीन अली ब्यूरो चीफ आई.सी.एन. (म.प्र) प्रोटीन शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। भोपाल।प्रोटीन की कमी से जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।सिनोविअल फ्लूइड प्रोटीन से बना होता है और यह जोड़ों में मौजूद होता है.जोड़ों को लचीला बनता है.साथ ही मांसपेशियों का पुनर्निर्माण करता है। प्रोटीन की कमी से फ्लूइड कम बनता है जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है. प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने की चाहत रखने वालों के लिए ही जरूरी नही होता, बल्कि यह खासोआम की जरूरत होता है। प्रोटीन के बिना सम्पूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रोटीन भोजन का अहम अंग है। समुचित प्रोटीन के बिना किसी भी भोजन को सम्पूर्ण नहीं माना जा सकता। प्रोटीन के बिना हम अपने रोजमर्रा के काम भी पूरे नहीं कर सकते। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी होता है प्रोटीन। प्रोटीन की भूमिका शरीर की टूट–फूट की मरम्मत करना होता है। यह शरीर में कोशिकाओं बनाने में मदद करता है साथ ही हससे टूटे हुए तन्तुओं का पुनर्निर्माण होता है। शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। क्यों जरूरी है प्रोटीन आप चाहे खूबसूरत दिखना चाहते हैं, बॉडी बनाना चाहते हैं या अपनी हाईट में ग्रोथ चाहते हैं हर चीज के लिए आपको प्रोटीन की जरूरत होती है।…
Read More