तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप मैं समय के सिंधु तट पर आ खड़ा हूँ, पढ़ रहा हूँ रेत पर, मिटते मिटाते लेख, जो बाँचे समय ने। शेक्सपीयर, जॉन मिल्टन, कीट्स, शैली बोलते हैं। आज भी वुड्सवर्थ अपनी पुस्तकें खुद खोलते हैं।। गोर्की की “माँ” अभी भी जागती है पुस्तकों में। गू़ँजते हैं शेर ग़ालिब के अभी तक महफ़िलों में।। ‘सूरसागर’ सूर गाते, गूँजते कबिरा के ‘निर्गुन’। और मीरा के पदों में कृष्ण वंशी की सहज धुन।। सौंपते ‘मानस’ जगत को,भक्त तुलसी राम के हैं। छंद तो…
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अल्लाह का इस्लाम और मुल्लाह का इस्लाम के बीच मे रस्साकशी
एज़ाज़ क़मर महान भूमि भारत का चुनाव अल्लाह ने प्रथम मनुष्य के निवास स्थान के लिये किया,फिर अपने प्रथम पैगंबर हज़रत आदम (स्वयंभू मनु) को जन्नत से पृथ्वी के इस स्थान पर उतारा। अल्लाह ने खेती करने के लिये बाबा आदम को एक बैल भी दिया,फिर बैल के अधिकार भी तय कर दिये,ताकि उसे कष्ट ना दिया जाये,बल्कि बैल को खाने-पीने और आराम करने का स्थान और समय दिया जाये। बाबा आदम अपने साथ जन्नत से कुछ पत्तियां लाये थे,उसे उन्होने भारत भूमि पर बो दिया और जिससे इत्र जैसे…
Read Moreगीत-कितनी लंबी रात है ….
घर पर रहें – घर पर सुनें “हर रोज़ नए गाने” गीत – कितनी लंबी रात है … गायिका – पृथा मजूमदार (मुंबई) म्यूज़िक अरेजमेंट & वीडियो – राजेश रॉय संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही संगीत जगत में पृथा मजूमदार का नाम जाना पहचाना है। वह एक प्रशिक्षित और बहुमुखी पार्श्व गायिका हैं। उन्होंने फ़िल्म और T.V. धारावाहिकों में 300 से अधिक गाने गाए हैं। वास्तव, वीर ज़ारा, मोहब्बतें, दिल विल प्यार व्यार आदि फ़िल्मों के ज़रिए बॉलीवुड में उन्होंने अपनी ख़ास पहचान बनाई है। उन्होंने…
Read Moreबार-बार उठने वाले इन दर्द को पहचाने
डॉ .नौशीन अली, ब्यूरो चीफ–आई सी एन मध्य प्रदेश भोपाल: आज कल इंसान की व्यस्तता और तनाव के कारण हर एक किसी न किसी प्रकार का दर्द होता है, कही सिर, कही कमर, या कही और दर्द होना एक अच्छी बात है, अगर आपको दर्द नहीं होगा, तो आपको बीमारी के बारे में पता नहीं चलेगा, सिर दर्द होना आज कल आम बात है, शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने कभी सिर दर्द का अनुभव न किया हो, सिर दर्द सिर दर्द होना एक आम बात हो गयी है, और ज़्यादातर…
Read Moreतुम बंदों पर कृपा करो, ईश्वर तुम पर कृपा करेगा।
मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप सहसवान/बदायूं: यूं तो देश और दुनिया में अनगिनत लोगों को ईश्वर ने दौलत से शोहरत से नवाजा है इस संसार में बेशुमार ऐसे लोग हैं जिनके पास बेशुमार दौलत का खजाना है मगर उन बेशुमार लोगों में ऐसे खुशकिस्मत बहुत कम लोग होते हैं जिन्हें ईश्वर दौलत के साथ-साथ अपनी रहमत की दौलत से भी नवाजता है। अक्सर यह बात कही जाती है फला शख्स बहुत दौलतमंद है ईश्वर कि उस पर बहुत कृपा है मगर यह जरूरी नहीं की हर दौलतमंद शख्स…
Read Moreसमय का गीत: 4
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप मैं समय के सिंधु तट पर आ खड़ा हूँ, पढ़ रहा हूँ रेत पर, मिटते मिटाते लेख, जो बाँचे समय ने। क्रूर यवनों ने किये थे आक्रमण भारत धरा पर। जीतने को विश्व था यूनान से निकला सिकंदर ।। वीर पोरस को हरा कर मान निज उसने बढ़ाया। पर मगध में मौर्य वंशी वीर ने उसको हराया।। शाक्य, हूणों ने अनेकों देश पर हमले किये थे। वंशजों ने जाम शासन के यहाँ सदियों पिये थे।। जान कब बख्शी अरब, मंगोल, फिर…
Read Moreगीत–अकेले हैं यादों की महफ़िल सजाएँ….
“घर पर रहें – घर पर सुनें” हर रोज़ नए गाने गीत – अकेले हैं यादों की महफ़िल सजाएँ … पार्श्वगायिका – शारदा (मुंबई) संगीतकार – केवल कुमार गीतकार – अशोक हमराही सुप्रसिद्ध पार्श्वगायिका शारदा (राजन आयंगर) उन गायिकाओं में से हैं, जिन्होंने हिंदी फ़िल्म जगत में अपना एक अलग मुक़ाम बनाया है। शारदा का परिवार तमिल है, लेकिन उन्हें बचपन से हिन्दी गीत गाने का शौक था। तेहरान में एक पार्टी में फ़िल्मकार राज कपूर ने शारदा को गाते हुए सुना और मुंबई आने का न्योता दिया। मुम्बई आने…
Read Moreजननी-दिवस ( मदर्स-डे )
By: C.P. Singh, Literary Editor-ICN Group मेरा भी बहुत मन करता है कि मै अपनी माँ की फोटो सबको दिखाऊँ | जगह – जगह प्रकाशित करवाऊँ | परन्तु मैं ऐसा नहीं कर पाता क्योंकि मेरी माँ तो मेरा बचपन सुधार कर चली गयी और मेरे पास एक भी फोटो नहीं है मेरी माँ की | मेरे मन में , मेरे ह्रदय में , मेरी सोंच में और मेरी आँखों में मेरी माँ की वह सारी छवियाँ हैं , जो मैंने देखीं , उतनी उमर में | फिर भी उनमें से…
Read Moreडीयर महतारी….
आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P. गोरखपुर: असही डांट के सुबेरे जगाती रहो ,दिन बन जाता है मेरा। असल में महतारी शब्द जादुई शब्द है ये प्लेसेंटल रिलेशन बाकमाल है ,बिना कहे बूझने वाली जादूगर कहो या फिर बड़ा से बड़ा झूठ ट्रेस करने वाली डिटेक्टर। हम तो भैया हरदम असही लड़ते भिड़ते मनाते मनवाते रिसियाते कोहाते मोहाते मनुआते देखना चाहते हैं। कब्बो कब्बो हम गजबे कुंभकर्ण अवस्था में जाते हैं और इस अप्रतिम दृश्य को बस महतारिये झेल सकती हैं ,बाकि कौनो तकिया पर भउरा रख देगा। अनकंडीशनल…
Read Moreसमय का गीत: 3
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप मैं समय के सिंधु तट पर आ खड़ा हूँ, पढ़ रहा हूँ रेत पर, मिटते मिटाते लेख, जो बाँचे समय ने। वो भगीरथ की तपस्या, और वो अद्भुत कमंडल। वेग था जिसमें समाया साथ लेकर स्वर्ग का जल।। और फिर शिव शीश पर उतरी महा गंगा निनादी । तर गये पुरखे, धरा पर धार अमृत की बहा दी।। राम ने ले जन्म, लक्ष्मण साथ दानव दैत्य तारे। भूमिजा को वारि, पापी नाश, रावण कुल संहारे।। राम का था राज्य अद्भुत, थे…
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