लखनऊ । लेखाधिकारी एवं लेखाकार सरकार की रीढ़ की हड्डी जैसे हैं। यह बात आज उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने उत्तर प्रदेश प्रभागीय लेखा/लेखाकार संघ के 26वें द्विवार्षिक अधिवेशन में व्यक्त किए।
राज्यपाल ने कहा कि सरकारी ढांचे में लेखाधिकारी एवं लेखाकारों की मुख्य भूमिका होती है, वे देश की तिजोरी के रखवाले हैं। इस भूमिका में यह उनका दायित्व है कि उचित वित्तीय प्रबंध हो। उन्होंने कहा कि आर्थिक नियोजन में लेखा संवर्ग का महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने कहा कि लेखाधिकारी एवं लेखाकार अपने दायित्व का नियमानुसार निर्वहन करें। कार्य में बिना वजह बाधा न डालें तथा समय पर उसका निराकरण करें।
श्री नाईक ने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी के युग में कम्प्यूटर एवं ऑन लाईन सेवा का समय है। ऐसे में अद्यतन ज्ञान का होना भी आवश्यक है। लेखा से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों का दायित्व होता है कि वे आय-व्यय का नियमानुसार एवं उचित रख-रखाव करें।
इस मौके पर मौजूद महालेखाकार मोनिका वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुसार काम करें। लेखा कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए। अद्यतन जानकारी रखें। उन्होंने कहा कि कार्यपालन में समय प्रबंधन का ध्यान रखें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर विभागीय पत्रिका ‘त्रिवेणी’ का लोकार्पण किया। स्वागत उद्बोधन महासचिव डॉ0 मदन सिंह द्वारा दिया गया।

‘ Click here https://sogou-shurofa4.com The depth of analysis in this article is truly impressive.