ग़ज़ल/GHAZAL

सुहैल काकोरवी, लिटरेरी एडिटर-ICN ग्रुप 
ये ठीक है हर एक के वो यार नहीं हैं
मेरे लिए बिल्कुल भी वो दुश्वार नहीं हैं
correct she is not close to all and sundry
Not at all she is difficult to me
तुमको ही मुबारक हो ये अंदाज़ तुम्हारा
हम ऐसी मोहब्बत के तलबगार नहीं है
Keep such style of love to yourself, yours typically
I do not desire that I say this regretfully
जो हाल हुआ मेरा सबब उसका वही है
मैंने जो ये समझा था वो बेदार नहीं हैं
The reason of my plight is that only,
That I thought not awakened was she
इस दर्जा महब्बत में नहीं होते परेशां
क्यों आज शगुफ्ता तेरे रुख़्सार नहीं हैं
Be not so much dejected in love sweetie
Why does not bloom thy cheeks lovely
जिन में हों तेरे जज़्बए नाज़ुक के इशारे
वो लफ्ज़ कहीं शामिले गुफ़्तार नहीं हैं
No traces of tender feelings are there
Such syllables are missing in thy conversation dear
मुझको जो मिले ज़ख्म वो फूलों से मिले हैं
चुभते हैं जो सीने में मेरे खार नहीं हैं
I received wounds from flowers tragically
That which pricks in heart are not thorns certainly
इक जुस्तुजूये शौक़ है उसके लिए सब में
उस हुस्न के हम एक परस्तार नहीं हैं
Everyone is curious for that perfect Beauty
Enamored of that not me only
क्यों ऐसा है छोड़ो दुआ है ये बदल जाए
बाज़ार तो हैं इनमें खरीदार नहीं हैं
Forget about cause,pray must come change for better
As the markets are not brisk miss presently costumer
क्या सूझती है तुमको यूँही बैठे बिठाये
क्यों हम पे ये शक है की वफ़ादार नहीं हैं
Sitting idle what senseless thou go on conceiving
Why thou think that I am faithless, wrongly
है राब्ता मज़बूत सुहैल आँखों से उनका
अच्छा है कि लब मायेले इज़हार नहीं हैं
There is cogent contact with them to eyes of her
Fine so that her lips are not inclined to utter
दुश्वार =कठिन ,बेदार =जागने की दशा ,शिगुफ्ता =खिला हुआ ,रुखसार =गाल ,जज़्बए नाज़ुक =गुफ़्तार =बात,कोमल भावना ,खार =कांटे ,जुस्तुजूये शौक़ =प्रेम की जिज्ञासा ,परस्तार =पुजारी ,राब्ता =संपर्क ,मायेले इज़हार =अभिवियक्ति की ओर आकर्षित

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