उर्दू शायरी में ‘ख़ुशबू’ : 2

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप ख़ुशबू न जाने कितने रंगों, कितने अहसासों, जज़बातों, ख़यालों और यादों को बाँधे रहती है। कई बार तो ये ख़ुशबू हमारी जज़बाती जिस्म की आँख तक बन जाती है और एक अदद ख़ुशबू न जाने ख़यालों में हमें क्या-क्या दिखा जाती है।   मुजाहिद फ़राज़ मुरादाबाद, भारत से ताल्लुक रखते हैं। वे एक बेहतरीन शायर हैं और उनका एक दीवान ‘बर्फ़ तपती है’ खासा चर्चित है। देखिये, वे ख़ुशबू के हवाले से क्या फ़रमाते हैं –    “ख़ुशबू ले कर चाहत की,  बस्ती…

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गीत-गीता : 10

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  (श्रीमद्भागवत गीता का काव्यमय भावानुवाद) द्वितीय अध्याय (सांख्य योग) (छंद 29-35)   श्रीकृष्ण : ( श्लोक 11-53)   मारती किसे है कब ये, है नहीं आत्मा मरती। इसका है नाश असंभव, कब मृत्यु इसे है हरती।।(29)   आत्मा है सतत् अजन्मी, है मृत्यु क्षेत्र से बाहर। तन मृत्यु सहज पाता है, मन शाश्वत है, तन नश्वर ।।(30)   हे पृथापुत्र, ज्ञानी को, यह तत्व सहज उद्घाटित । वह जन्म हीन, अव्यय है, सच उसका है स्थापित ।।(31)   जिस भाँति देह वस्त्रों को,…

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बढ़ती हुई आबादी मानव जाति के लिये भस्मासुर है! तो जनसंख्या दिवस पर सिर्फ चिंतन-मंथन ही क्यो?

एज़ाज़ क़मर, डिप्टी एडिटर-ICN नई दिल्ली: पिछले तीन दशको से हर 11 जुलाई को जनसंख्या दिवस के अवसर पर समाचार पत्रो मे बड़े-बड़े विज्ञापन और लेख छपते है,फिर दोपहर से कार्यक्रम शुरू हो जाते है जिसमे बुद्धिजीवी तथा समाज के सम्मानित व्यक्ति जमकर भाषण-बाजी करते है और चाय-नाश्ता या भोजन करने के बाद सब अपने-अपने घर जाकर सो जाते है।इन लोगो का दायित्व था कि घर जाकर अपने परिवृत के मनुष्यो को जनसंख्या नियंत्रण विषय पर शिक्षित तथा प्रशिक्षित करते,लेकिन यह बुद्धिजीवी जनसंख्या नियंत्रण विचार को एक आंदोलन का रूप…

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उर्दू शायरी में ‘ख़ुशबू’ :1

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप ख़ुशबू न जाने कितने रंगों, कितने अहसासों, जज़बातों, ख़यालों और यादों को बाँधे रहती है। कई बार तो ये ख़ुशबू हमारी जज़बाती जिस्म की आँख तक बन जाती है और एक अदद ख़ुशबू न जाने ख़यालों में हमें क्या-क्या दिखा जाती है।   बारिश की कच्ची मिट्टी की सोंधी ख़ुशबू कभी हमें अपने बचपन के गाँव में पहुँचा देती है तो कभी चमेली और रातरानी की ख़ुशबू अपने पिया की नगरी में। गुलाब की ख़ुशबू नेहरू की शेरवानी में टँके फूल से सुहाग…

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दिल के चैन साँग में अप्पी बदमाश और सोनाली की स्टालिस्ट जोड़ी

पुरानी हिंदी फ़िल्मों के लोकप्रिय गानो के नए वर्जन का चलन इन दिनो बहुत है।एक ऐसा ही गीत ए मेरे दिल के चैन के एकदम नए वर्जन में लोकप्रिय सिंगर अप्पी बदमाश और सोनाली पांडा नज़र आयेंगे। अप्पी बदमाश एक युवा सिंगर और परफ़ार्मर हैं पहले भी अपने गीतों के लिए मिका सिंह जैसे गायक ने भी तारीफ़ की है। इस गाने में अप्पी बदमाश एक बेहद ही ख़ास अन्दाज़ में अभिनेता राजेश खन्ना को ट्रिब्यूट करेंगे। अप्पी के साथ इस रोमांटिक गाने में २०१७ में  फ़ेस आफ़ राजस्थान ख़िताब जितनेवाली…

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आखिर आतंकवाद पाकिस्तान की मज़बूरी क्यों है?

प्रो. प्रदीप कुमार माथुर नई दिल्ली। पिछले दिनों जब हमारे सारे देश का ध्यान चीन के साथ हो रहे सीमा संघर्ष पर केंद्रित था, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बहुत अजीब हरकत की। पाकिस्तान की संसद में बोलते हुए उन्होंने कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को शहीद घोषित कर दिया। उनके वक्तव्य से उनके मित्र और विरोधी सभी सन्नाटे में आ गए।यह कह कर उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तान चाहे जितना भी नकारे उसका जुड़ाव आतंक के साथ ही है जो इस्लाम के नाम पर…

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झारखंड के पहले क्रांतिकारी तिलका माँझी फ़िल्म बनाएंगे धीरज मिश्रा

तिलका माँझी का नाम भारतीय स्वंत्रता संग्राम में बड़े आदर के साथ लिया जाता हैं अब तिलका माँझी पर फ़िल्म बनने जा रही हैं । झारखंड के इस पहले क्रांतिकारी पर फ़िल्म बनाने का काम कर रहे हैं धीरज मिश्रा जो की क्रांतिकारियों पर फ़िल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं इस फ़िल्म के निर्माता घनश्याम पटेल और निमिशा अमीन हैं ,घनश्याम पटेल इससे पहले मनीषा कोइराला को लेकर सिर्फ और पुणे के क्रांतिकारियों पर चापेकर ब्रदर्स बना चुके हैं साथ ही अफजल गुरु के ऊपर ग़ालिब का निर्माण भी…

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गीत-गीता : 9

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव , सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप  (श्रीमद्भागवत गीता का काव्यमय भावानुवाद) द्वितीय अध्याय (सांख्य योग) (छंद 22-28)   श्रीकृष्ण : ( श्लोक 11-53)   काया पर मोहित होना, कब धीर मनुज का लक्षण । मिथ्या माटी के पीछे,  क्यों बरसाता है जलकण।।(22)   कौंतेय, चक्र चलता है, निर्माण ध्वंस का पल पल। सुख दुख का, शीत तपन का, रवि उगता, फिर अस्ताचल।। (23)   हे श्रेष्ठ पुरुष, सुख दुख में, जो धैर्य नहीं खोता है। निर्लिप्त रहा जो इनसे, वह मोक्ष योग्य होता है।।(24)   सत्ता ही नहीं असत्…

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दक्षिण भारतीय सूफी संत हज़रत ख़्वाजा बंदे नवाज़ के ६१६ वें उर्स मुबारक का गुलबर्गा शरीफ मे आयोजन

एज़ाज़ क़मर, डिप्टी एडिटर-ICN नई दिल्ली: सैय्यद वल शरीफ़ कमालुद्दीन बिन मुहम्मद बिन यूसुफ़ अल हुसैनी का उर्स कर्नाटक के गुलबर्गा शरीफ मे 7 दिसंबर 2020 से 9 दिसंबर 2020 के बीच श्रद्धापूर्वक और धूमधाम से मनाया जा कहा है,आप दक्षिण भारत के सबसे बड़े मुस्लिम सूफी संत माने जाते है,बड़ी संख्या मे निसंतान जोड़े आपकी यहां मन्नत मांगनेआते   है और लगभग सभी श्रद्धालु निराश नही होते है। भगवान है या नही? यह हमेशा बहस का विषय रहा है,हालांकि भगवान के होने या नही होने से राजनीतिक-कूटनीतिक गतिविधियो पर कोई असर…

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”मेरा सामाजिक दायित्व” के तहत आयोजित सौहार्द 2.0 का एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री नंद लाल शर्मा द्वारा समापन समारोह संपन्न किया गया

चन्द्रकान्त पाराशर (वरिष्ठ एसोसिएट एडिटर) ICN GROUP शिमला : एसजेवीएन द्वारा एक प्रदर्शनी-सह-आउटरीच कार्यक्रम सौहार्द 2.0 का आयोजन कारपोरेट मुख्यालय शिमला में किया गया। एसजेवीएन के दूरदर्शी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री नंदलाल शर्मा ने समाज के जरूरतमंद वर्गों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए मेरा सामाजिक दायित्व है (एमएसआर) संकल्पना की शुरुआत की है। मेरा सामाजिक दायित्व के तहत आयोजित की गई प्रदर्शनी-सह-आउटरीच कार्यक्रम सौहार्द 2.0 का मकसद एसजेवीएन के कर्मचारियों द्वारा स्‍वैच्छिक रूप से दान की गई वस्तुओं का एसजेवीएन में विभिन्न ठेकेदारों द्वारा तैनात निम्न आय वर्ग…

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