डॉ. संजय श्रीवास्तव ‘इंसान को अक्लमंद होना चाहिए स्मार्ट तो फोन भी होता है” | उस समय ये लाइने पढ़ कर मुझे कुछ अजीब सा लगा लेकिन आज जब मैं उन लाइनों को याद करता हूँ तो वे लाइनें मुझे हकीकत नजर आती हैं क्योकि आज हम सभी जिस तरह से अपनी पूरी दिनचर्या स्मार्टफोन के साथ स्मार्ट बन के गुजारते हैं | हमारे मोबाइल ने हमे स्मार्ट तो बनाया है लेकिन अगर हम बहुत ध्यान से अपना आंकलन करें तो हम ये पाते हैं कि हमारी मेमोरी यानि याददाशत धीरे…
Read MoreMonth: May 2020
मनी सिरीज–(1)
तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप प्रथम भुगतान स्वयं को नमस्कार मित्र ! अच्छा हुआ, आप मुझे इस मार्ग पर मिल गए । आपसे मिलकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। यात्रा लम्बी है किन्तु मुझे लगता है कि जब दो व्यक्ति मित्रों की तरह किसी यात्रा पर निकलते हैं तो कोई भी यात्रा लम्बी नहीं होती। जीवन की हर यात्रा हमें यह सिखाती है कि जीवन क्या है । यदि आपकी अनुमति होगी तो हम जीवन की लम्बी यात्रा में थोड़ी दूर तक साथ-साथ चलेंगे और मैं आपसे वायदा करता…
Read Moreबहुमुखी प्रतिभा के धनी व्यक्तित्व थे गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर
राणा अवधूत कुमार, ब्यूरो चीफ-ICN बिहार पटना। रवींद्रनाथ टैगोर एक ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना बहुत कठिन है। टैगोर के बारे में कुछ लिखने या बताने के लिए शब्द कम पड़ जाएंगे। ऐसे अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। जिनके संपूर्ण जीवन से एक प्रेरणा या सीख मिलती है। वे एक ऐसे विरल साहित्यकारों में हैं, जो आसानी से नहीं मिलते। कई युगों के बाद धरती पर जन्म लेते हैं। धरती को धन्य कर जाते हैं। वे ऐसी छवि हैं जो जन्म से लेकर मत्यु तक कुछ ना…
Read Moreविश्व अस्थमा दिवस: अस्थमा आज लाइलाज नहीं है इसका उपचार कराए।
डॉ अनुरूद्ध वर्मा एम डी(होम्यो ) वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, सीनियर एसोसिएट एडीटर-ICN ग्रुप विश्व अस्थमा दिवस प्रत्येक वर्ष मई के प्रथम मंगलवार को विश्व में अस्थमा के प्रति लोगों में जागरूकता उत्पन करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।सर्व प्रथम वर्ष 1998 में ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा (जीना) के द्वारा इस दिवस के आयोजन की शुरुआत की गई थी और प्रत्येक वर्ष “जीना” द्वारा ही विश्व अस्थमा दिवस का आयोजन किया जाता है। अस्थमा अथवा दमा की गंभीरता का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि देश में लगभग 15 से…
Read Moreजीवित रहने के लिए पानी की तरह जरूरी है प्रोटीन
डॉ. नौशीन अली ब्यूरो चीफ आई.सी.एन. (म.प्र) प्रोटीन शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। भोपाल।प्रोटीन की कमी से जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द हो सकता है।सिनोविअल फ्लूइड प्रोटीन से बना होता है और यह जोड़ों में मौजूद होता है.जोड़ों को लचीला बनता है.साथ ही मांसपेशियों का पुनर्निर्माण करता है। प्रोटीन की कमी से फ्लूइड कम बनता है जिससे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होता है. प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने की चाहत रखने वालों के लिए ही जरूरी नही होता, बल्कि यह खासोआम की जरूरत होता है। प्रोटीन के बिना सम्पूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती। प्रोटीन भोजन का अहम अंग है। समुचित प्रोटीन के बिना किसी भी भोजन को सम्पूर्ण नहीं माना जा सकता। प्रोटीन के बिना हम अपने रोजमर्रा के काम भी पूरे नहीं कर सकते। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी होता है प्रोटीन। प्रोटीन की भूमिका शरीर की टूट–फूट की मरम्मत करना होता है। यह शरीर में कोशिकाओं बनाने में मदद करता है साथ ही हससे टूटे हुए तन्तुओं का पुनर्निर्माण होता है। शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। क्यों जरूरी है प्रोटीन आप चाहे खूबसूरत दिखना चाहते हैं, बॉडी बनाना चाहते हैं या अपनी हाईट में ग्रोथ चाहते हैं हर चीज के लिए आपको प्रोटीन की जरूरत होती है।…
Read Moreभला हो शराबियों का
By: Akhil Kumar Srivastava, Bureau Chief-ICN U.P. भला हो शराबियों का, जो सुबह 4:00 बजे से बोतल पानी लेकर 6 – 6 घंटे तक धूप में लाइन लगाकर खड़े रहे, वे भी किसी वीर योद्धा से कम नहीं । अगर यह शराबी ना होते तो इस भयंकर महामारी से जूझ रहे देश की अर्थव्यवस्था की डोलती नैया को कौन संभालता। जी हां, यह वे शराबी ही हैं जो इस कठिन समय में कड़ी धूप में लाइन लगाकर खड़े होकर देश की अर्थव्यवस्था का बीड़ा उठाने के लिए आगे बढ़े, यह बात…
Read Moreभोजपुरी: भाषाई अस्मिता का संघर्ष और राजनीति
उदय नारायण सिंह सरकारी आँकड़ों में आठ करोड़ परन्तु धरातल पर पंद्रह करोड़ से उपर के लोगों द्वारा बोली जाने वाली,पाँच देशों की प्रमुख मातृभाषा,विश्वविद्यालीय शिक्षा में पढ़ाई जाने वाली तथा सिनेमा उद्योग में पॉलीवुड के नाम से प्रसिद्ध भोजपुरी के समक्ष आज अपने अस्तित्व का संकट आन खड़ा हुआ है। भिन्न-भिन्न प्रकार की साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं से समृद्ध, राजनीतिज्ञों के संबोधन की आधार भाषा वर्त्तमान मे आज संकट में है। ब्रिटिश काल में गुलाम बना कर ले जाये गये भोजपुरी प्रदेश के मजदूर भले ही आज मॉरीशस, सुरीनाम, फीजी, ब्रिटिश…
Read Moreटेराकोटाविजिट
आकृति विज्ञा ‘अर्पण’,असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P. आज गोरखपुर टेराकोटा के लिये उत्सव का दिन है। इस प्रयास में लगीं सभी सद् आहुतियां बधाई की पात्र हैं। आइये गोरखपुर की सक्रिय मल्टीटास्किंग फ्रीलांसर ,ऐक्टिविस्ट ,साइंटिफिक लिटरेचर पर्सनालिटी आकृति विज्ञा अर्पण से भी उनके अनुभव जानते हैं…… एक विजिट मुझे भी याद आता है ,मन का कोना खुश हो उठता है। Vishnu जी उन दिनो गोरखपुर चाइल्डलाइन को बतौर सिटी कोआर्डिनेटर नये आयाम दे रहे थे ,जब भी समय मिलता हम लोग शहर की खाक़ छानने निकल पड़ते। गोरखपुर टेराकोटा विजिट नया…
Read MoreSleepy Eyes From Lockdown…. #निद्राएक्सपिरियेंसस्यशार्टपुराणम्वाचयामि
आकृति विज्ञा ‘अर्पण’, असिस्टेंट ब्यूरो चीफ-ICN U.P. घर एकदम साहित्यिक आनंद का श्रवणीय अखाड़ा हो गया है। रेगुलरिटी और अरेगुलरिटी (बोले तो इररेगुलरिटी ) की खतरनाक मिक्सिंग फिरकी ले रही है। एक तो ये खगोलशास्त्र उफ्फ! विदेशों की रात और यहां की सुबह,यहां की सुबह विदेशों की रात। ऊपर से आजकल पनपी मेरी निशा जागरण साधना।कभी दिन में सो लेती हूँ तो रात को अपनी ही वैचारिकी के लिये पहरा देना पड़ता है।जू मैप पर टुकुर टुकुर करती आँखे कभी भी झपक जाती हैं । सुबह मुझे जगाने के लिये…
Read Moreस्पेनिश फ्लू (महामारी): जब लग गए थे लाशों के ढेर
मोहम्मद सलीम खान, सीनियर सब एडिटर-आईसीएन ग्रुप सहसवान/बदायूं: इस समय भारत ही नहीं बल्कि दुनिया केअधिकतर देश कोरोना नामक भयंकर दानव रूपी महामारी से बड़ी वीरता के साथ मुकाबला कर रहे हैं। कोरोना का नाम आते ही एक आम आदमी के सामने खौफ तारी हो जाता है। इस भयंकर बीमारी ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया के अधिकतर देशों की आर्थिक व्यवस्था को भी धरातल पर लाकर रख दिया है।इस महामारी के कारण एक और जहां लोगों का जानी नुकसान हो रहा है वहीं दूसरी ओर लोगों के सामने आजीविका का…
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